जयपुर

FASTag Scam: अगर आप अपने वाहन के लिए FASTag एनुअल पास बनवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो जरा ठहरिए…

Rajasthan Police advisory: राजस्थान पुलिस की बड़ी चेतावनी: QR स्कैन करते ही खाली हो सकता है बैंक खाता। NHAI की नकली वेबसाइट से ठगी का खेल, सावधान नहीं तो 3000 की जगह गंवा बैठेंगे पूरी जमा-पूंजी।

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Feb 12, 2026
फाइल फोटो पत्रिका

Cyber Fraud: जयपुर. अगर आप अपने वाहन के लिए FASTag एनुअल पास बनवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो जरा ठहरिए और सतर्क हो जाइए। साइबर ठगों ने अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की हुबहू कॉपी कर लोगों को ठगने का नया हाईटेक तरीका खोज निकाला है। राजस्थान पुलिस ने इसे लेकर सख्त एडवाइजरी जारी की है।

महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) संजय अग्रवाल ने बताया कि अपराधी अब Google Ads और SEO तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी वेबसाइटों को गूगल सर्च में सबसे ऊपर दिखा रहे हैं। आम लोग पहले लिंक को ही असली मानकर क्लिक कर देते हैं और यहीं से ठगी का जाल शुरू होता है। ये वेबसाइटें असली NHAI पोर्टल जैसी ही दिखती हैं — वही लोगो, वही डिजाइन, वही रंग — जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

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इन फर्जी साइटों पर FASTag एनुअल पास के नाम पर करीब 3000 रुपये का भुगतान मांगा जाता है। भुगतान के लिए एक QR कोड दिया जाता है। जैसे ही व्यक्ति कोड स्कैन करता है, पैसा सरकारी खाते की जगह सीधे साइबर अपराधियों के म्यूल अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है। कई लोग सेकंडों में अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं।

📋 फर्जी वेबसाइट की पहचान और ठगी होने पर क्या करें — पूरी गाइड

🔹 फर्जी वेबसाइट ऐसे पहचानें

क्रमांकसावधानीक्या करें
1आधिकारिक प्लेटफॉर्मकेवल Rajmarg Yatra आधिकारिक ऐप या अधिकृत बैंक पोर्टल का उपयोग करें
2URL जांचवेबसाइट का पता ध्यान से पढ़ें, स्पेलिंग गलती या अतिरिक्त अक्षर वाली साइट से बचें
3Sponsored लिंकगूगल पर दिखने वाले Sponsored/Ad लिंक पर बिना जांच क्लिक न करें
4पेमेंट डिटेलQR स्कैन करते समय यदि किसी व्यक्ति विशेष का नाम दिखे तो तुरंत रुक जाएं

🔹 ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?

क्रमांककार्रवाईसंपर्क / उपाय
1साइबर हेल्पलाइन1930 पर तुरंत कॉल करें
2राजस्थान पुलिस सहायता9256001930 / 9257510100 पर सूचना दें
3ऑनलाइन शिकायतcybercrime.gov.in पर केस दर्ज करें
4बैंक सुरक्षातुरंत बैंक/UPI सेवा प्रदाता को सूचना देकर ट्रांजैक्शन ब्लॉक कराएं

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सरकारी विभाग व्यक्तिगत नाम पर भुगतान नहीं मांगता। यदि QR स्कैन करते समय “सरिता देवी” या किसी अन्य व्यक्ति का नाम दिखाई दे, तो तुरंत प्रक्रिया रोक दें।

अधिकारियों ने सलाह दी है कि FASTag या टोल पास से जुड़े सभी भुगतान केवल आधिकारिक ऐप या अधिकृत बैंक पोर्टल के माध्यम से ही करें। थोड़ी सी लापरवाही भारी आर्थिक नुकसान में बदल सकती है।

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Published on:
12 Feb 2026 09:51 pm
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