
Rajasthan Food Safety: जयपुर. राजस्थान में अस्पतालों के अंदर और आसपास मरीजों तथा उनके परिजनों को परोसे जा रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर शुरू हुए विशेष अभियान में पहले ही दिन बड़ी संख्या में खामियां सामने आई हैं। ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत प्रदेशभर में की गई सघन जांच में 100 से अधिक सरकारी एवं निजी अस्पतालों की कैंटीन और रेस्टोरेंट के साथ अस्पतालों के आसपास संचालित 172 से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 159 खाद्य नमूने जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे गए, जबकि करीब 1500 किलो खाद्य सामग्री मौके पर नष्ट कराई गई। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने वाले 90 कैंटीन और खाद्य प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस भी जारी किए गए हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि मरीजों के उपचार के साथ उन्हें सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध होना भी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित कैंटीन तथा अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी के निर्देशों पर प्रदेश के सभी जिलों में यह कार्रवाई की गई। विभागीय टीमों ने खाद्य प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता, भंडारण व्यवस्था, रसोई परिसर की साफ-सफाई, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और इस्तेमाल किए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता की जांच की।
इसके अलावा कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को रखने तथा उनके रख-रखाव की व्यवस्था और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनिवार्य प्रावधानों की पालना भी देखी गई। जहां कमियां मिलीं, वहां सुधार के निर्देश दिए गए और नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
जयपुर में महात्मा गांधी हॉस्पिटल, आरयूएचएस हॉस्पिटल, जेईसीआरसी हॉस्पिटल और नारायणा हॉस्पिटल की कैंटीनों तथा आसपास के खाद्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया गया।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त ने बताया कि विशेष निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान 24 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा। अभियान के दौरान अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित कैंटीन, कैफेटेरिया, भोजनालय, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जाएगी, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता एवं सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।