Food Security Scheme : राजस्थान में गिव अप अभियान की ऐतिहासिक सफलता। प्रदेशभर में अब तक 27 लाख से अधिक सक्षम लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ी है। खाद्य सुरक्षा योजना में शामिल पात्र लाभार्थियों को इसके साथ मिलते हैं चार और लाभ। जानें क्या।
Food Security Scheme : राजस्थान में गिव अप अभियान की ऐतिहासिक सफलता। प्रदेशभर में अब तक 27 लाख से अधिक सक्षम लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि असल हकदारों को NFSA में स्थान देने के लिए खाद्य विभाग ने गिव अप अभियान 1 नवम्बर 2024 को शुरू किया था। इस अभियान का उद्देश्य सक्षम लोगों को स्वेच्छा से खाद्य सब्सिडी त्यागने के लिए प्रेरित करना है ताकि गरीबों को खाद्य सुरक्षा का लाभ मिल सके। गिव अप अभियान के तहत प्रदेश भर में अब तक 27 लाख से अधिक सक्षम लाभार्थियों ने स्वेच्छा से खाद्य सुरक्षा छोड़ी है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि गिव अप अभियान की ऐतिहासिक सफलता के कारण पात्र वंचित खाद्य सुरक्षा से जुड़ पा रहे है। गिव अप अभियान के तहत स्वेच्छा से खाद्य सब्सिडी त्यागने एवं ईकेवाईसी न करवाने के कारण एनएफएसए में बनी रिक्तयों से 56 लाख 62 हजार 268 पात्र वंचितों को विभाग खाद्य सुरक्षा से जोड़ पाया है।
मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि सक्षम लोगों का त्याग गरीबों के मुंह का निवाला बन रहा है। इस अभियान के माध्यम से खाद्य सुरक्षा सूची में नई रिक्तियाँ बनने से सूची में जुड़े पात्र परिवारों को न केवल पोषण युक्त अन्न उपलब्ध कराया जा रहा है बल्कि उन्हें 25 लाख रुपए तक का निःशुल्क इलाज, 10 लाख रुपए तक का दुर्घटना बीमा एवं 450 रुपए में प्रतिवर्ष 12 घरेलू सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि गिव अप अभियान में व्यापक जनभागीदारी को देखते हुए इसकी अवधि 31 अगस्त 2025 तक बढ़ा दी गई है।
खाद्य मंत्री महोदय के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा अंतर्गत जुड़े ऐसे परिवार जिनमें - कोई सदस्य आयकर दाता हो, कोई सदस्य सरकारी/ अर्द्धसरकारी/ स्वायत्तशासी संस्था में कर्मचारी हो, एक लाख से अधिक वार्षिक पारिवारिक आय हो एवं किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन हो (ट्रैक्टर आदि जीविकोपार्जन में प्रयुक्त वाहन को छोड़कर), निष्कासन सूची में शामिल है।
गिव अप अभियान के तहत जयपुर जिले में 2 लाख 21 हजार 726 लोगों ने स्वेच्छा से खाद्य सब्सिडी छोड़ी है। इससे जिले के 2 लाख 42 हजार 813 जरूरतमंद लोगों को खाद्य सुरक्षा सूची से जोड़ा जा सका है।