जयपुर

‘भजनलाल शर्मा ही बने रहें CM’, राजस्थान के संभावित कैबिनेट विस्तार पर ऐसा क्यों बोले अशोक गहलोत?

Ashok Gehlot: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि उनकी इच्छा है कि भजनलाल शर्मा ही पद पर बने रहें। उन्होंने मुख्यमंत्री को शालीन, व्यवहार कुशल और सभी का सम्मान करने वाला व्यक्ति बताया।
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Jun 24, 2026
Ashok Gehlot
पत्रकारों से बातचीत करते पूर्व सीएम अशोक गहलोत। फोटो- पत्रिका नेटवर्क

जयपुर। राजस्थान में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की चर्चाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि मंत्रिमंडल में बदलाव करना पूरी तरह मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व का अधिकार है। उन्होंने कहा कि उनकी व्यक्तिगत इच्छा है कि भजनलाल शर्मा ही मुख्यमंत्री बने रहें। गहलोत ने कहा कि इन दिनों मीडिया में लगातार मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि भजनलाल शर्मा अपने पद पर बने रहें।

उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि वे बने रहें, वे एक भले आदमी हैं, व्यवहार कुशल हैं और सभी से बेहद सम्मान के साथ बात करते हैं। ऐसे शालीन व्यक्ति को ही मुख्यमंत्री का पद शोभा देता है और वे विपक्ष के नाते हमें भी सूट करते हैं। वहीं दूसरी तरफ अशोक गहलोत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्होंने जनप्रतिनिधियों को नहीं, बल्कि पैसों के लालच में अपनी निष्ठा बेचने वाले नेताओं को ‘बिकने वाले घोड़े, गधे, भैंस और बकरी’ कहा था।

'मदन राठौड़ का बयान पढ़ा, हैरानी हुई'

गहलोत ने कहा कि जनता के भरोसे से चुने गए विधायक और सांसद यदि करोड़ों रुपए के बदले पाला बदलते हैं तो ऐसे लोगों की आलोचना करना गलत नहीं है। गहलोत ने कहा कि उन्होंने सुबह अखबारों में मदन राठौड़ का बयान पढ़ा, जो उन्हें हैरान करने वाला लगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में जनप्रतिनिधियों के दल बदलने की घटनाएं सबके सामने हैं। ऐसे नेताओं की प्रशंसा नहीं की जा सकती। गहलोत ने आरोप लगाया कि मदन राठौड़ केवल अपने वरिष्ठ नेताओं को खुश करने और राजनीतिक लाभ लेने के लिए इस तरह के बयान दे रहे हैं।

'बिकने वाले लोगों की पूजा तो की नहीं जा सकती'

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक और सांसद जनता का भरोसा तोड़कर 10 करोड़, 25 करोड़ या 50 करोड़ रुपए में अपनी निष्ठा बेच रहे हैं, उनके लिए मैंने 'बिकने वाले घोड़े, गधे, भैंस और बकरी' जैसे चार शब्दों का प्रयोग किया था। उन्होंने आगे कहा कि इसमें भला गलत क्या है? जनता जिन पर भरोसा करके, अपना कीमती वोट देकर उन्हें सदन में भेजती है, वे पैसों के लालच में आकर बिक जाते हैं। आज बंगाल और महाराष्ट्र में जो कुछ हो रहा है, वह सबके सामने है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में शिवसेना के 28 में से 20 सांसद चले गए, 80 में से 60 विधायक पाला बदल गए और अभी कल ही 8 में से 6 सांसद और चले गए। ऐसे बिकने वाले लोगों की पूजा तो की नहीं जा सकती।

यमुना जल समझौते पर भी बोले

यमुना जल समझौते से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है, मैं इसका स्वागत करता हूं। मैंने पहले भी कहा था और आज फिर दोहराता हूं कि जिस दिन आप राजस्थान में यमुना का पानी ले आएंगे, मैं खुद मुख्यमंत्री निवास पर आकर आपको माला पहनाऊंगा। मैंने नीमकाथाना में भी यही घोषणा की थी कि 'मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, अगर आप जनता का यह सपना पूरा कर दें, तो मैं खुद आपके घर आकर आपका अभिनंदन करूंगा।' मैं अपने इस वादे पर आज भी पूरी तरह कायम हूं, लेकिन बात सिर्फ दिल्ली या चंडीगढ़ जाकर बार-बार बैठकें करने से नहीं बनेगी, हमारा सीधा सरोकार जमीन पर पानी आने से है, बैठकों से नहीं।