
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत। फोटो- पत्रिका
जोधपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पश्चिम बंगाल के मामले में कहा कि भाजपा सरकार देश की लोकतंत्र को खत्म कर रही है। घोड़े, गधे, भैंस-बकरी की तरह सांसद-विधायक बिकने लगे हैं। सरकार लोकतंत्र को बर्बाद कर देगी। युवा अगर नहीं जागे तो देश का पता नहीं क्या होगा? जोधपुर प्रवास पर आए पूर्व सीएम गहलोत ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने को काफी गंभीर व चिंतनीय बताते हुए राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने कहा कि कोटा में पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी हैं। अस्पताल में रोज हजारों डिलीवरी होती हैं। वहां किडनी फेल या संक्रमण हो जाए तो उम्रभर डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट करवाना पड़ सकता है। इससे महिलाओं में भय का माहौल है। राज्य सरकार को संक्रमण व तबीयत बिगड़ने के कारणों का खुलासा करना चाहिए। बीकानेर में भी यही हालात हैं और अब जोधपुर में भी प्रसूताओं की हालत बिगड़ चुकी है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की कानून व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और जल परियोजनाओं को लेकर भी भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। गहलोत ने कहा कि राजस्थान में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और आम लोगों को न्याय मिलने में परेशानी हो रही है। जोधपुर फायरिंग की घटना पर उन्होंने कहा कि दौड़ा-दौड़ा कर मारा जा रहा है। ऐसी घटनाएं राजस्थान में हर जगह हो रही है। अब तो नई बात यह है कि थाने के अंदर पैसे खाए जा रहे हैं। प्रदेश में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है। भ्रष्टाचार हर सरकार के वक्त होता है, लेकिन इस बार तो सभी रिकॉर्ड टूट चुके हैं। प्रदेश इस वक्त नाजुक स्थिति से गुजर रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हत्या और दुष्कर्म जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। गहलोत ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार के मामले में हालात चिंताजनक हैं और लोगों की शिकायतों पर समय पर कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं के मुद्दे पर गहलोत ने कहा कि उनकी सरकार के समय जिन अस्पतालों और सैटेलाइट केंद्रों की घोषणा की गई थी, उनमें कई जगह भवन तो तैयार हो गए हैं, लेकिन अभी तक पर्याप्त चिकित्सक, उपकरण और अन्य संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि केवल भवन खड़ा कर देने से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल सकता।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के जल परियोजनाओं से जुड़े आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने कहा कि किसी भी आरोप को तथ्यों और आंकड़ों के साथ रखा जाना चाहिए। बिना प्रमाण के लगाए गए आरोपों का कोई आधार नहीं होता। उन्होंने कहा कि यदि किसी परियोजना में अनियमितता हुई है तो उसके स्पष्ट आंकड़े सामने आने चाहिए।
ईआरसीपी को लेकर भी गहलोत ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक मंचों से परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करने की बात कही थी। गहलोत ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले किए गए वादों और वर्तमान स्थिति को लेकर सरकार को जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हित से जुड़े मामलों में राजनीति से ऊपर उठकर काम होना चाहिए।
उदयपुर व जालोर से सोमवार को जोधपुर आया तब रास्ते में लोगों से मिला। आंखों में आंसू देखे। एक-एक किस्सा बता रहे थे। तीन-चार महीने से पेंश नहीं मिल रही है। थैले पर फोटो हटाकर मुख्यमंत्री खुद की लगा लेते। योजना बंद क्यों की। सीमावर्ती क्षेत्रों में कार्रवाई पर पूर्व सीएम ने कहा कि सरकार चुन-चुनकर अल्पसंख्यक समाज के धार्मिक स्थल हटा रही है। इस संबंध में गृहमंत्री को जवाब देना चाहिए। बाड़मेर के लोग इस संबंध में उनसे मिले थे। सोशल मीडिया पर टैग कर जवाब मांगा है।
पूर्व सीएम ने कहा कि किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा। मंत्री के गृह क्षेत्र में पानी का संकट है। सरकार के हर विभाग में किसी को भी भुगतान नहीं किया जा रहा। वित्तीय हालत खराब है। श्रीगंगानगर व हनुमानगढ़ में गेहूं खरीद नहीं हो रही है। बारदानें नहीं आ रही हैं। हड़तालें चल रही हैं। किसान बर्बाद हो रहा है।
Updated on:
23 Jun 2026 09:57 pm
Published on:
23 Jun 2026 07:41 pm
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