जयपुर

Rajasthan Politics: नहीं रहे पूर्व MLA ब्रह्मदेव कुमावत- हार्ट अटैक से निधन, 2008 में निर्दलीय जीतकर रचा था इतिहास

Masuda Former MLA Passed Away: मसूदा के पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता ब्रह्मदेव कुमावत का दिल का दौरा पड़ने से निधन। 2008 में निर्दलीय जीतकर बने थे संसदीय सचिव। पढ़ें उनके राजनीतिक सफर की पूरी रिपोर्ट।
2 min read
Jul 27, 2026
Former Masuda MLA Brahmdev Kumawat Passed Away Ajmer Rajasthan News
Former Masuda MLA Brahmdev Kumawat - File PIC

अजमेर जिले के मसूदा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ब्रह्मदेव कुमावत का निधन आज 27 जुलाई को दिल का दौरा पड़ने से हो गया। जानकारी के अनुसार, तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बांदनवाड़ा से नसीराबाद उपजिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें अजमेर के जेएलएन (JLN) अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर से पूरे मसूदा क्षेत्र और अजमेर जिले में शोक की लहर फैल गई है।

वे अपने पीछे 4 बेटों और भरे-पूरे परिवार को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी मुन्नी देवी कुमावत का पूर्व में ही निधन हो चुका था। मसूदा विधानसभा क्षेत्र के विकास और स्थानीय लोगों से सीधे जुड़ाव के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।

प्रारंभिक जीवन और परिचय

जन्म और स्थान: उनका जन्म 30 नवंबर 1959 को अजमेर जिले की भिनाय तहसील के बांदनवाड़ा ग्राम में हुआ था।

पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता का नाम श्री हरदेव कुमावत और माता का नाम सरजू देवी था।

शिक्षा और व्यवसाय: उन्होंने राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से हायर सेकेंडरी तक शिक्षा प्राप्त की थी और वे पेशे से एक व्यापारी थे।

राजनीतिक सफर

ब्रह्मदेव कुमावत अजमेर संभाग और विशेषकर कुमावत समाज के एक बेहद प्रभावशाली और लोकप्रिय नेता माने जाते थे। साल 2008 के राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर उन्होंने मसूदा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। उन्होंने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 42,170 वोट हासिल किए और कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशी रामचंद्र को हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचे।

चुनाव जीतने के बाद उन्होंने तत्कालीन अशोक गहलोत सरकार को अपना समर्थन दिया था। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उन्हें अपनी सरकार में संसदीय सचिव नियुक्त किया था, जो राज्य मंत्री के समकक्ष पद होता है।

साल 2013 के चुनाव में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के आधिकारिक टिकट पर मसूदा से चुनाव मैदान में उतरे। हालांकि, उस चुनाव में भाजपा की लहर के कारण उन्हें भाजपा प्रत्याशी सुशील कंवर से हार का सामना करना पड़ा था।

2018 के चुनावों के दौरान भी उन्होंने टिकट के लिए दावेदारी की थी, लेकिन कांग्रेस आलाकमान के निर्देश और समझाइश पर उन्होंने पार्टी के हित में अपना नामांकन वापस ले लिया था और संगठन में रहकर काम करते रहे।

Updated on:
27 Jul 2026 03:38 pm
Published on:
27 Jul 2026 03:38 pm