जयपुर

लोकसभा चुनाव 2024: …तो क्या बतौर ​निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव में उतरेंगे पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत?

Loksabha Election 2024: पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट को जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से टिकट नहीं मिलने से जोड़कर देखा जा रहा है।

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Mar 26, 2024

Loksabha Election 2024 : राजस्थान में लोकसभा चुनाव के टिकट बंटवारे के बाद नेताओं के विरोधी सुर तेज होने लगे हैं। ताजा मामला प्रदेश के पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत से जुड़ा है। राजपाल सिंह शेखावत का एक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्ट को जयपुर ग्रामीण लोकसभा क्षेत्र से टिकट नहीं मिलने से जोड़कर देखा जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक राजपाल सिंह से विधानसभा चुनाव के समय लोकसभा टिकट देने का वादा किया गया था, लेकिन उनकी जगह भाजपा ने राव राजेंद्र को जयपुर ग्रामीण से प्रत्याशी बनाया है।

पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि 'मैं जानता था...मैं झुक जाऊं तो मसला हल हो जाएगा। मगर इससे मेरे किरदार का कत्ल हो जाएगा!' लोकसभा चुनाव से पहले उनका यह पोस्ट सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

विधानसभा चुनाव 2023 में झोटवाड़ा से राजपाल सिंह ने ताल ठोकी थी। लेकिन पार्टी की समझाइश के बाद उन्होंने दावेदारी वापस ले ली थी। माना जा रहा है कि उन्हें पार्टी आलाकमान से जयपुर ग्रामीण से टिकट देने की बात को लेकर मनाया गया था।अब भाजपा ने जयपुर ग्रामीण से राव राजेंद्र को लोकसभा उम्मीदवार घोषित किया है, ऐसे में राजपाल सिंह की इस पोस्ट को टिकट नहीं मिलने से जोड़कर देखा जा रहा है।

पूर्व मंत्री शेखावत ने विधानसभा चुनाव 2023 में नामांकन वापस लेने से पहले गृहमंत्री अमित शाह से बातचीत की थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को हराना जरूरी है, इसलिए पार्टी नेता अमित शाह ने टेलीफोन पर मुझसे बातचीत की। जिसके बाद नामांकन वापस लेने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण है। हालांकि चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किन शर्तों पर लिया गया, इसका कोई खुलासा उन्होंने नहीं किया था।

बता दें कि राजपाल सिंह शेखावत भाजपा से ही चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया। पार्टी ने जयपुर ग्रामीण से सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को झोटवाड़ा से मैदान में उतारा। जिससे शेखावत और उनके समर्थकों में नाराजगी फैल गई और उन्होंने पार्टी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के करीबी शेखावत राजस्थान में राजे के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रह चुके हैं।

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