जयपुर

Rajasthan: ‘भाजपा MLA फंसा रहा’… पूर्व विधायक बलजीत यादव को ED ने 3 दिन के रिमांड पर लिया

पेशी के दौरान बलजीत यादव ने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बहरोड़ के मौजूदा भाजपा विधायक जसवंत यादव अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करनेा चाहते हैं।

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Feb 04, 2026
पूर्व विधायक बलजीत यादव (फाइल फोटो)

जयपुर। बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कथित विधायक क्षेत्र विकास निधि (MLA LAD Fund) घोटाले के मामले में जयपुर की विशेष ईडी अदालत में पेश किया, जहां अदालत ने उन्हें 3 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। अब उनकी अगली पेशी 7 फरवरी को होगी। ईडी ने छह दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल 3 दिन की रिमांड मंजूर की।

पेशी के दौरान बलजीत यादव ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बहरोड़ के मौजूदा भाजपा विधायक जसवंत यादव अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करना चाहते हैं और इसी वजह से उनके खिलाफ झूठा मामला गढ़ा गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जसवंत यादव गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

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3 करोड़ से अधिक के घोटाले का आरोप

ईडी का आरोप है कि पूर्व विधायक ने स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का दुरुपयोग किया। जांच एजेंसी के अनुसार, यह रकम फर्जी फर्मों के जरिए डायवर्ट की गई और व्यक्तिगत लाभ के लिए इस्तेमाल की गई। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई है।

टोल प्लाजा के पास से हिरासत में लिया

इससे पहले ईडी ने मंगलवार रात अलवर जिले के शाहजहांपुर टोल प्लाजा के पास से बलजीत यादव को हिरासत में लिया था। उन्हें जयपुर लाकर लंबी पूछताछ की गई, जिसके बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

बलजीत यादव के वकीलों ने क्या कहा?

अदालत में सुनवाई के दौरान बलजीत यादव के वकीलों ने ईडी की कार्रवाई को अवैध और राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि जिस फर्म पर फंड डायवर्ट करने का आरोप है, उससे यादव का पहले से संपत्ति विवाद रहा है। साथ ही टेंडर प्रक्रिया पंचायत समिति द्वारा नियमों के तहत की गई थी और इसमें बलजीत यादव की कोई सीधी भूमिका नहीं थी।

वकीलों ने यह भी तर्क दिया कि अगर यादव भाजपा में शामिल हो जाते तो यह कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि हर बार पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर यादव सहयोग करने को तैयार थे, फिर भी उन्हें रात में गिरफ्तार करना गलत है।

ईडी ने क्या लगाए आरोप?

वहीं, ईडी ने अदालत में कहा कि यादव ने जानबूझकर फर्जी कंपनियां बनवाकर सरकारी धन का गबन किया और मामले की गहराई से जांच जरूरी है। इसी आधार पर छह दिन की रिमांड मांगी गई थी। फिलहाल बलजीत यादव ईडी की हिरासत में रहेंगे और उनसे पूछताछ जारी रहेगी।

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Published on:
04 Feb 2026 05:39 pm
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