जयपुर

Jagdeep Dhankar: पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के ब्लड ग्रुप को लेकर बड़ी चूक, समय रहते सुधारी गलती

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) की जयपुर में हुई एंजियोप्लास्टी के दौरान ब्लड ग्रुप को लेकर बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई। समय रहते चूक का खुलासा होने पर बड़ी अनहोनी टल गई।
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Jul 04, 2026
Jagdeep Dhankhar Angioplasty
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की हुई एंजियोप्लास्टी, पत्रिका फोटो

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) की जयपुर में हुई एंजियोप्लास्टी के दौरान ब्लड ग्रुप को लेकर बड़ी प्रशासनिक चूक सामने आई। समय रहते चूक का खुलासा होने पर बड़ी अनहोनी टल गई। धनखड़ के निजी सचिव की ओर से भेजे गए प्रोटोकॉल लेटर में 'ए' पॉजिटिव ब्लड की व्यवस्था करने के निर्देश थे, जबकि सीएमएचओ कार्यालय ने एसएमएस अस्पताल प्रशासन को 'ओ' नेगेटिव ब्लड रिजर्व रखने के लिए पत्र भेज दिया।
जब दोनों पत्र अस्पताल पहुंचे तो अलग-अलग ब्लड ग्रुप का उल्लेख देखकर चिकित्सकों ने तुरंत इसकी जानकारी अधिकारियों को दी। इसके बाद तत्काल सुधार करते हुए 'ए' पॉजिटिव ब्लड की व्यवस्था के लिए नया पत्र जारी किया गया।

एंजियोप्लास्टी, दो स्टेंट लगाए गए

पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ शुक्रवार सुबह जयपुर पहुंचे थे। जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ को चलने के दौरान सीने में भारीपन, सांस लेने में कठिनाई और बीच-बीच में सीने में दर्द की शिकायत हो रही थी।
शुक्रवार को एयरपोर्ट से वे सीधे एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां स्टीन जांच के बाद दोपहर में उनकी एंजियोप्लास्टी की गई। उनकी हृदय की दो अवरुद्ध धमनियों में सफलतापूर्वक दो स्टेंट लगाए गए। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी।

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीन शर्मा कर रहे मॉनिटरिंग

जगदीप धनखड़ के दिल का इलाज और एंजियोप्लास्टी की पूरी प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. समीन के. शर्मा की सीधी देखरेख में की जा रही है। डॉ. शर्मा की टीम धनखड़ की मेडिकल हिस्ट्री को देखते हुए सतर्कता से काम कर रही है।

इससे पहले मार्च 2025 में भी हृदय संबंधी गंभीर समस्या होने पर उन्हें नई दिल्ली के एम्स (AIIMS) अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका एक कार्डिएक प्रोसीजर हुआ था। इसके बाद इसी साल 12 January को अचानक दो बार बेहोश होने की वजह से भी उन्हें दिल्ली एम्स में भर्ती कर एमआरआई (MRI) करानी पड़ी थी।

सीएमएचओ ये बोले

लेटर तैयार करते समय अचानक बिजली चली जाने के कारण टाइपिंग के दौरान कुछ त्रुटियां हो गई थीं। उन्हें तुरंत सुधार दिया गया था। यह पूरी प्रक्रिया पूर्व उपराष्ट्रपति के आने से पहले ही पूरी कर ली गई थी। इस दौरान किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत या व्यवधान नहीं हुआ। डॉ. रवि शेखावत, सीएमएचओ, जयपुर प्रथम

Published on:
04 Jul 2026 06:57 am