जयपुर

Jaipur Accident: ‘बाबूजी… गुब्बारा ले लो’ की पुकार हुई खामोश, 3 मासूम और पिता की मौत से उजड़ गया परिवार

Jaipur Road Accident: अजमेर रोड पर तेज रफ्तार ट्रोले ने सड़क किनारे खड़े एक परिवार को कुचल दिया। हादसे में तीन मासूम बच्चों और उनके पिता की मौत हो गई, जबकि मां गंभीर रूप से घायल है।
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Jul 07, 2026
jaipur road accident
घटनास्थल का निरीक्षण करती पुलिस टीम। फोटो- पत्रिका

जयपुर। जिन नन्हे हाथों में खिलौने बेचकर मुस्कान बांटने का सपना था, उन्हें तेज रफ्तार ने हमेशा के लिए खामोश कर दिया। चौराहों पर गुब्बारे, खिलौने और छोटे-मोटे सामान बेचकर दो वक्त की रोटी जुटाने वाले एक परिवार की दुनिया पलभर में उजड़ गई। मंगलवार सुबह अजमेर रोड पर यह परिवार पैदल अपने काम पर जा रहा था, तभी दिल्ली की ओर से आए तेज रफ्तार ट्रोले ने उन्हें बेरहमी से कुचल दिया।

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200 फीट बाइपास के पास एक होटल के नजदीक हादसा इतना भीषण था कि हाईवे किनारे लगी मजबूत लोहे की रेलिंग ट्रोले की टक्कर से मुड़कर ट्रोले में फंस गई। टक्कर के बाद चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। हादसे के कारण कुछ देर तक यातायात बाधित रहा, जिसे पुलिस ने मशक्कत के बाद सामान्य कराया।

घटनास्थल पर खून और शवों के अवशेष

हादसे में परिवार के तीन मासूम बच्चों रमेश, रतन और दीपक की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि एक बच्चे का शव दूर नाले में जा गिरा, जबकि घटनास्थल पर खून और शवों के अवशेष बिखर गए। पुलिस ने शवों को एकत्र कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। घटना में बच्चों की मां कैलाशी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर बताया जा रहा है और उनका उपचार एसएमएस अस्पताल में जारी है।

वहीं पिता चंद्र प्रकाश को भी गंभीर घायल होने के बाद अस्पताल भेजा गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी जान चली गई। जानकारी के अनुसार कैलाशी के कुल पांच बच्चे हैं, जिनमें से तीन की इस हादसे में मौत हो गई, जबकि दो बच्चे घर पर होने के कारण सुरक्षित बच गए।

मजदूरी और छोटे-मोटे सामान बेचता था परिवार

पुलिस के अनुसार परिवार मूल रूप से राजसमंद के जेतपुरा का रहने वाला है और वर्तमान में गांधी पथ क्षेत्र में रह रहा था। परिवार मजदूरी के साथ चौराहों पर खिलौने, गुब्बारे, झाडू और अन्य छोटे-मोटे सामान बेचकर अपना जीवनयापन करता था। परिवार मंगलवार सुबह गांव जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा था।

घर में दो बच्चे रह गए, इसलिए बच गई जान

बता दें कि परिवार के दो बच्चे उस समय घर पर थे। अगर वे भी साथ होते तो शायद यह परिवार पूरी तरह खत्म हो जाता। अब घर में खिलौने हैं, बिखरी किताबें हैं, लेकिन जिनके लिए थीं वे तीनों मासूम लौटकर नहीं आएंगे। वहीं दूसरी तरफ अस्पताल में इलाज करा रही मां के लिए यह समझना शायद सबसे मुश्किल होगा कि जिन बच्चों को सुबह उसने अपने हाथों से तैयार किया, वे अब कभी उसकी गोद में नहीं आएंगे। पति की भी मौत हो गई। एक ही दिन में परिवार के चार सदस्य छिन गए। पीछे बची है एक ऐसी खामोशी, जिसे शब्दों में नहीं बांधा जा सकता।

जयपुर के श्याम नगर थाने के एसआई रामेश ने बताया कि ट्रोले को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि चालक की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार किया जा सके। इस हृदयविदारक हादसे ने एक गरीब परिवार की खुशियां पलभर में उजाड़ दीं और पूरे इलाके में शोक का माहौल है।

Updated on:
07 Jul 2026 02:49 pm
Published on:
07 Jul 2026 02:49 pm