डॉक्टर अवधूत शिवानंद के सानिध्य में 1 से 8 दिसंबर तक जयपुर के मानसरोवर के शिप्रा पथ रैली मैदान में शिवयोग शिविर आयोजित किया जाएगा।
जयपुर। भगवान शिव और मां भगवती, मां ललिता त्रिपुरसुंदरी की साधना करने और उनसे आशीर्वाद लेने का सुनहरा अवसर राजस्थान के लोगों को मिलने जा रहा है। जहां सिद्ध गुरु डॉक्टर अवधूत शिवानंद के सानिध्य में 1 से 8 दिसंबर तक जयपुर के मानसरोवर के शिप्रा पथ रैली मैदान में शिवयोग शिविर आयोजित किया जाएगा। जबकि आयोजन को देखते हुए शिविर को दो भागो में बांटा गया है। पहला 'शाम्भवी' का आयोजन 1 से 4 दिसंबर तक जबकि 'श्रीविद्या' शिविर का आयोजन 5 से 8 दिसंबर तक किया जाएगा। तो वहीं इस शिविर का मकसद मनुष्य की आंतरिक ऊर्जा को जगाना है।
शिवयोग के बारे में अहम जानकारी-
अवधूत शिवानंद की मानें तो शिव का अर्थ है अनंत, जो वास्तविक मायने में मनुष्य की असली संपत्ति है औ? योग ?? यानी की उससे जुड़ना। यानि की अपने भीतर के अनंत से जुड़ना और अंत में स्वयं ही अनंत हो जाना। अनुभव पर आधारित इस शक्तिशाली शिवयोग साधना का उल्लेख किसी पुस्तक में नही हैं और यह अवधूत सिद्ध गुरु परंपरा से होते हुए आधुनिक युग में इसके संस्थापक अवधूत बाबा शिवानंद के माध्यम से जन मानस तक पहुंच रही है। इतना ही नहीं इस शिवयोग की पद्धतियों को देश और विदेश के चिकित्सकों और वैज्ञानिकों ने सराहा है। तो इसके नियमित रूप से पालन करने वाले साधकों को भी काफी फायदा हुआ है।
शिविर के फायदे-
गौरतलब है कि इस अद्भुत शक्ति के दिव्य प्रभाव देखते हुए इसके परम दुर्लभ ज्ञान और गुप्त रहस्य को जन जन तक पहुंचाने के लिए देश-विदेश की सरकारों ने, मंत्रियों ने और वैज्ञानिक संस्थानों ने डॉक्टर अवधूत शिवानंद को विभिन्न रूप से सम्माननित किया। अप्रैल 2017 में सिद्धगुरु के स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में असीम योगदान को पुणे के सर्वोच्च महाविद्यालय - डॉक्टर डी वाइ पाटिल विद्यापीठ ने सराहते हुए उन्हें डॉक्टर की डिग्री से भी नवाज कर उन्हें सम्मानित प्रदान कर चुका है।