राजस्थान की माटी ने एक बार फिर दिल्ली के प्रशासनिक गलियारों में अपनी धमक दिखाई है। साल 2015 में जिस तरह टीना डाबी ने महज 22 साल की उम्र में यूपीएससी टॉप कर राजस्थान का नाम देश-दुनिया में रोशन किया था, ठीक 10 साल बाद साल 2025 के परिणामों में अनुज अग्निहोत्री ने वही इतिहास दोहरा दिया है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने आज ( 6 March 2026 ) सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार की मेरिट लिस्ट में राजस्थान के लिए दोहरी खुशी की खबर आई है। रावतभाटा के लाल अनुज अग्निहोत्री (Anuj Agnihotri) ने अखिल भारतीय स्तर पर पहली रैंक (AIR 1) हासिल की है। अनुज की इस कामयाबी ने राजस्थान के उस गौरवशाली इतिहास को फिर से जिंदा कर दिया है, जब टीना डाबी ने यूपीएससी टॉप कर एक मिसाल कायम की थी।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के इतिहास में राजस्थान का दबदबा हमेशा से रहा है, लेकिन 'नंबर 1' की कुर्सी तक पहुंचने का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण होता है।
अनुज अग्निहोत्री की कहानी टीना डाबी से थोड़ी अलग लेकिन उतनी ही प्रेरणादायक है।
अनुज के पिता चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा न्यूक्लियर पावर प्लांट में कार्यरत हैं। एक मध्यमवर्गीय परिवार के संघर्ष और माता-पिता के त्याग ने अनुज को वह शक्ति दी, जो यूपीएससी जैसे कठिन इम्तिहान के लिए जरूरी है। टीना डाबी की तरह ही अनुज भी अब राजस्थान के उन लाखों युवाओं के लिए 'आइकन' बन गए हैं, जो छोटी जगहों से बड़े सपने देखते हैं।
टीना डाबी ने राजस्थान कैडर चुनकर प्रदेश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाई है, चाहे वह जैसलमेर की जिला कलेक्टर के रूप में उनका कार्यकाल हो या वर्तमान जिम्मेदारियां। अब नजरें इस पर हैं कि क्या अनुज अग्निहोत्री भी अपने गृह राज्य राजस्थान को ही अपनी कर्मभूमि चुनेंगे? अगर ऐसा होता है, तो प्रदेश को एक और 'ब्रिलियंट माइंड' मिलेगा।
जैसे ही परिणाम आए, सोशल मीडिया पर अनुज अग्निहोत्री की तुलना टीना डाबी की सफलता से होने लगी। लोग उन्हें 'राजस्थान का अगला स्टार' बता रहे हैं। जोधपुर से लेकर रावतभाटा तक, राजस्थान के हर जिले में अनुज की कामयाबी के चर्चे हैं।