जयपुर

Galta Ji Temple: गलता तीर्थ का होगा आधुनिक विकास, श्रद्धालुओं के लिए बनेंगी बेहतर सुविधाएं

Galta Dham development: पौराणिकता के साथ आधुनिकता का संगम बनेगा गलता धाम, ट्रैवलेटर सहित नई सुविधाओं के निर्देश। गलता तीर्थ के विकास को लेकर सीएम सख्त, सावन से पहले साफ-सफाई और सुविधाएं दुरुस्त करने के आदेश।

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May 03, 2026
PHOTO PATRIKA

Rajasthan Tourism: जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर स्थित गलता तीर्थ के समग्र विकास को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने कहा कि यह तीर्थ गालव ऋषि की तपोस्थली होने के कारण आमजन की गहरी आस्था का केंद्र है, इसलिए इसके मूल स्वरूप को बनाए रखते हुए पौराणिकता और आधुनिकता के समन्वय के साथ विकास कार्य किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तीर्थ परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जाएं। विशेष रूप से वृद्धजनों के लिए ट्रैवलेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया, ताकि बुजुर्ग श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने गलता धाम के मंदिरों और पवित्र कुंडों की दीवारों के जीर्णोद्धार के निर्देश भी दिए।

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दोनों प्रमुख मार्गों का समुचित विकास

बैठक में यह भी तय किया गया कि गलता धाम तक आने वाले दोनों प्रमुख मार्गों का समुचित विकास किया जाएगा। साथ ही, पर्याप्त वाहन पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिल सके। मुख्यमंत्री ने गलता मार्गों पर धार्मिक चित्रण कराने के निर्देश दिए, ताकि तीर्थ की ओर जाने वाले मार्ग पर ही श्रद्धालुओं में आस्था का भाव जागृत हो। इसके अलावा, प्रवेश द्वार पर तीर्थ परिसर में स्थित सभी मंदिरों की विस्तृत जानकारी प्रदर्शित करने के भी निर्देश दिए गए।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने सीताराम जी मंदिर में सपत्नीक पूजा-अर्चना कर आरती उतारी और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने गलता तीर्थ परिसर के विभिन्न मंदिरों का अवलोकन किया और पवित्र कुंड में अर्घ्य अर्पित किया। साथ ही, पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।

सावन माह से पहले गलता जी के पवित्र कुंडों की आधुनिक मशीनों से साफ-सफाई

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सावन माह से पहले गलता जी के पवित्र कुंडों की आधुनिक मशीनों से साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि परिसर में वानरों के लिए विशेष स्थान निर्धारित किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इस पहल से गलता तीर्थ को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु-हितैषी धार्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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Updated on:
03 May 2026 10:53 pm
Published on:
03 May 2026 10:52 pm
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