Gangster Papla Gujjar : राजस्थान के बहरोड थाने से वर्ष 2019 में कुख्यात पपला गुर्जर की फरारी के मामले में तत्कालीन वृत्ताधिकारी को आरोपियों से मिलीभगत के आरोप से क्लीन चिट मिल गई है। विभागीय जांच में जो आरोप साबित बताए गए, उन्हें कार्मिक विभाग ने नकार दिया।
Gangster Papla Gujjar : राजस्थान के बहरोड थाने से वर्ष 2019 में कुख्यात पपला गुर्जर की फरारी के मामले में तत्कालीन वृत्ताधिकारी को आरोपियों से मिलीभगत के आरोप से क्लीन चिट मिल गई है। विभागीय जांच में जो आरोप साबित बताए गए, उन्हें कार्मिक विभाग ने नकार दिया।
पपला गुर्जर की फरारी में सहयोगी रहे अभियुक्त विनोद कुमार स्वामी और कैलाश गुर्जर से मिलीभगत के आरोप बहरोड के तत्कालीन वृत्ताधिकारी जनेश सिंह पर लगे थे। इन आरोपों के साथ ही सरकार ने जनेश सिंह को निलम्बित कर विभागीय जांच का निर्णय किया था।
जांच विभागीय जांच विभाग के अधिकारियों ने की। जनेश सिंह पर तीन आरोप लगे थे। आरोप था कि अभियुक्त विनोद कुमार स्वामी व कैलाश गुर्जर से जनेश सिंह के घनिष्ठ सम्पर्क थे। नीली बत्ती लगी उनकी स्कार्पियो कार का उपयोग वृत्ताधिकारी करते थे। यह भी आरोप था कि वृत्ताधिकारी की कार खराब थी, फिर भी कागजों में सरकारी गाड़ी का उपयोग बताया गया। जांच के बाद 28 जनवरी 2022 को पेश विभागीय जांच रिपोर्ट में ये आरोप प्रमाणित बताए गए।
इसके खिलाफ जनेश सिंह ने अपील की थी। विभाग ने माना कि आरोप की पुष्टि न किसी गवाह ने की, न ही कोई अन्य साक्ष्य मिले। जांच अधिकारी ने थाने में दर्ज मामले में आरोपियों के पूछताछ नोट के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। अपील के निर्णय में कार्मिक विभाग ने आरोप प्रमाणित नहीं माने। इस आधार पर जनेश सिंह को क्लीन चिट दी है।