Gehlot Government के इस काम से कहीं ऐसा न हो कि स्कूलों में लटक जाएं ताले, आखिर क्यों 3 सालों ने प्रशासन व सरकार की नजर नहीं पड़ रही है बड़े मामले में
Gehlot Government: तीन साल से नियमों के फेर में अटकी वरिष्ठ अध्यापको व व्याख्याताओं की पदोन्नति नए सत्र में सरकारी स्कूलों पर ताले लटकवा सकती है। क्योंकि पदोन्नति नहीं होने से स्कूलों में शिक्षकों की कमी होना तय है। इससे नामांकन प्रभावित होने के साथ अभिभावकों द्वारा स्कूलों में तालाबंदी की आशंकाए बढ़ जाएगी। मामले में कोर्ट में जारी वाद के बीच शिक्षक संगठनों ने शिक्षा विभाग को आरआर पदोन्नति (रिव्यू एंड रिविजन) का सुझाव दिया है। संगठनों का कहना है कि कोर्ट का फैसला नहीं आने तक शिक्षकों को पातेय वेतन पर पदोन्नत किया जा सकता है। इससे स्कूलों में शिक्षकों की कमी पूरी हो जाएगी और पदोन्नति का क्रम जारी रहने से तृतीय श्रेणी शिक्षकों की नई भर्ती के लिए भी पद खाली हो जाएंगे।
इस वजह से अटकी है डीपीसी व्याख्याता
व्याख्याताओं की डीपीसी 2021 में यूजी में संबंधित विषय की अनिवार्यता के नियम की वजह से अटक रखी है। दरअसल 2021 में शिक्षा विभाग ने व्याख्याता पद पर पदोन्नति के लिए पीजी के साथ यूजी में भी पद संबधी विषय की अनिवार्यता लागू कर दी थी। ऐसे में पदोन्नति से बाहर हुए कई शिक्षकों ने सीधी भर्ती में ये नियम नहीं होने का हवाला देते हुए कोर्ट में याचिका दायर कर दी। तब से ये मामला अटका हुआ है।
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वरिष्ठ शिक्षक: वरिष्ठ शिक्षकों की पदोन्नति एडिशनल विषय से स्नातक करने वाले शिक्षकों की पदोन्नति पर रोक के चलते अटकी हुई है। दरअसल 2019 में प्रदेश में एडिशनल विषय से स्नातक की फर्जी डिग्री का मामला सामने आया था। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने एडिशनल विषय वाले सभी शिक्षकों की पदोन्नति रोक दी। यह मामला भी अब तक कोर्ट में लंबित होने से पदोन्नति नहीं हो पा रही है।
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आरआर पदोन्नति विकल्प
कोर्ट से फैसला नहीं होने तक वरिष्ठ अध्याय व व्याख्याताओं के पद पर आरआर पदोन्नति की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। जिसमें शिक्षकों को वर्तमान वेतन पर ही अस्थाई रूप से पदोन्नत कर शिक्षण व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाया जा सकता है। यदि ऐसा नहीं हुआ तो शिक्षकों की कमी से शिक्षण प्रभावित होने से स्कूलों को कम नामांकन व विरोध प्रदर्शन दोनों का सामना करना पड़ेगा। उपेंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत
प्रदेश में व्याख्याताओं व व.अ. का गणित
कुल सी.सै स्कूल - 18154
व्याख्याताओं के स्वीकृत पद—54277
व्याख्याताओं के रिक्त पद -16138
नव क्रमोन्नत स्कूल व वित्तीय स्वीकृति रहित रिक्त पद - 11500
उपप्राचार्य पद पर पदोन्नति के बाद खाली होने वाले पद- 9998
कुल रिक्त पद होंगे — 37636
व.अ. के कुल स्वीकृत पद—101000
व. अ. के रिक्त पद — 32000