मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों से आह्वान किया कि कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों, आश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों, दीन-दुखियों के बीच दीपोत्सव पर कार्यक्रम आयोजित कर उनके जीवन में खुशी लाने का प्रयास करें। इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों व विभिन्न संस्थाओं को साथ लें।
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों से आह्वान किया कि कोरोना के कारण अनाथ हुए बच्चों, आश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों, दीन-दुखियों के बीच दीपोत्सव पर कार्यक्रम आयोजित कर उनके जीवन में खुशी लाने का प्रयास करें। इन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों व विभिन्न संस्थाओं को साथ लें।
गहलोत ने बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में दीपावली के आयोजन की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक ली। उन्होंने असामजिक तत्वों पर नजर रखने और इस कार्य में सामाजिक संस्थाओं, कम्यूनिटी पुलिस व जनप्रतिनिधिगणों का सहयोग लेने के निर्देश दिए। वहीं यह भी कहा कि दो साल के कोरोनाकाल के बाद त्योहार पर लोगों के चेहरों पर खुशी लाने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रदेशभर में सजावट, रोशनी सहित अन्य विशेष आयोजन किए जाएंगे।
निर्देश:
आमजन के हित में- मिठाइयों व खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए। सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। बिजली सप्लाई निर्बाध की जाए।
पर्यटकों के हित में- राजकीय भवनों, पर्यटन स्थलों, सार्वजनिक महत्व व धार्मिक स्थलों पर रोशनी, सफाई व्यवस्था की जाए। स्थानीय कलाकारों के सहयोग से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराए जाएं।