Open Schooling: नीट 2026 में साफ तस्वीर, छात्रों की दुविधा खत्म। अब नहीं रुकेगा सपना – ओपन स्कूलिंग से भी बनेगा डॉक्टर बनने का रास्ता।
NEET UG 2026: जयपुर. मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले लाखों विद्यार्थियों के लिए इस बार की खबर अच्छी आई है। लंबे समय से यह सवाल बना हुआ था कि ओपन स्कूलिंग या वैकल्पिक बोर्ड से 12वीं करने वाले छात्र क्या देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में बैठ पाएंगे या नहीं। लेकिन अब इंतजार खत्म हो गया है।
नेशनल मेडिकल काउंसिल की सिफारिशों पर बड़ा फैसला लेते हुए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट-यूजी 2026 की पात्रता में स्पष्ट संशोधन किया है। नए नियमों के मुताबिक, अगर किसी भी रजिस्टर्ड बोर्ड से छात्र ने फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (PCB) के साथ कक्षा 12 उत्तीर्ण की है, तो वह नीट परीक्षा में शामिल हो सकता है।
यही वह मोड़ है जहां कहानी दिलचस्प हो जाती है। पहले तक पात्रता सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों से जुड़ी हुई थी। अनिश्चितता इतनी थी कि कई छात्र ओपन स्कूलिंग चुनने से डर रहे थे। लेकिन अब स्थिति साफ है। खासतौर पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) और अन्य ओपन बोर्ड से पढ़ने वाले छात्रों के लिए रास्ता पूरी तरह खुल गया है।
शैक्षणिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उन विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा जो पारिवारिक, आर्थिक या स्वास्थ्य कारणों से रेगुलर स्कूल नहीं जा सके। अब वे भी अपनी गति से पढ़ाई कर मेडिकल करियर की ओर कदम बढ़ा सकते हैं। इससे शिक्षा में समान अवसर का सिद्धांत मजबूत होगा।
साथ ही, यह बदलाव छात्रों को एक बड़ा संदेश भी देता है—रास्ता भले अलग हो, मंजिल वही रह सकती है। जरूरी है सही विषयों का चयन और मजबूत तैयारी।
नीट 2026 अब सिर्फ परीक्षा नहीं, बल्कि हजारों सपनों की नई शुरुआत बन चुका है।