जयपुर

‘वायरिंग कटी है, सुधार लो… फैल जाएगा करंट’, राजस्थान में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद के बीच सामने आई खूबी

Smart Meter Safety Feature: जयपुर डिस्कॉम के अधीन जयपुर समेत 18 सर्कल में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को लेकर बिजली बिल अधिक आने जैसे विवाद सामने आ रहे है, लेकिन इनके सुरक्षा संबंधी फीचर भी अब सामने आने लगे हैं।
2 min read
Jul 20, 2026
Electricity Smart Meter
स्मार्ट मीटर। फाइल फोटो- पत्रिका

जयपुर। जयपुर डिस्कॉम के अधीन जयपुर समेत 18 सर्कल में लगाए गए स्मार्ट मीटरों को लेकर बिजली बिल अधिक आने जैसे विवाद सामने आ रहे है, लेकिन इनके सुरक्षा संबंधी फीचर भी अब सामने आने लगे हैं। स्मार्ट मीटर घरों में वर्षों पुरानी वायरिंग में कट लगने और बारिश के दौरान करंट फैलने जैसी संभावित दुर्घटनाओं से बचाने में मदद कर रहे हैं। जयपुर शहर में हाल ही में 500 से अधिक उपभोक्ताओं को अर्थ लीकेज करंट यानी घर की वायरिंग में खराबी और बारिश के दौरान करंट फैलने की आशंका संबंधी चेतावनी भेजी गई। अलर्ट मिलने के बाद उपभोक्ताओं ने इलेक्ट्रिशियन बुलाकर वायरिंग दुरुस्त कराई।

जयपुर डिस्कॉम की आईटी विंग के अनुसार स्मार्ट मीटरों में उपभोक्ता सुरक्षा से जुड़े विशेष फीचर शामिल किए गए हैं। ये मीटर डाटा सेंटर में स्थापित सर्वर से जुड़े रहते हैं और बिजली आपूर्ति में होने वाले उतार-चढ़ाव की लगातार मॉनिटरिंग करते हैं। घर की वायरिंग में कट या अर्थ लीकेज जैसी स्थिति का संकेत मिलते ही इसकी सूचना सर्वर तक पहुंच जाती है। इसके बाद मीटर डाटा मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़े बिलिंग यूटिलिटी सिस्टम के माध्यम से उपभोक्ता को मोबाइल पर चेतावनी संदेश भेजा जाता है।

800 को भेजे संदेश

डिस्कॉम प्रबंधन का दावा है कि स्मार्ट मीटर के इस फीचर से विशेष रूप से मानसून के दौरान बिजली से जुड़े हादसों में कमी लाई जा सकेगी। सभी 18 सर्कल में सबसे अधिक स्मार्ट मीटर जयपुर शहर में लगाए गए हैं। अब तक स्मार्ट मीटर वाले 800 से अधिक उपभोक्ताओं को सुरक्षा संबंधी संदेश भेजे जा चुके हैं, जिनमें 500 से ज्यादा उपभोक्ता जयपुर शहर के हैं।

1.42 करोड़ घरों में लगेंगे स्मार्ट मीटर

बता दें कि रजास्थान सरकार ने प्रदेशभर में साल 2026 के अंत तक 1.42 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा है। हर दिन हजारों मीटर लगाए जा रहे हैं और धीरे-धीरे सभी घरों में इन्हें लगाया जाएगा। राजस्थान में अब तक 48.1 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। हालिया आंकड़ों की मानें तो स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में राजस्थान देशभर में पांचवें स्थान पर है।
इसे लगाने के पीछे मुख्य उद्देश्य बिजली की चोरी रोकना, ट्रांसमिशन व डिस्ट्रीब्यूशन के नुकसान को कम करना और उपभोक्ताओं को ऑनलाइन व सटीक बिलिंग की सुविधा प्रदान करना है।

Updated on:
20 Jul 2026 07:54 am
Published on:
20 Jul 2026 07:53 am