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Bikaner Accident: जानलेवा होता जा रहा श्रीडूंगरगढ़ का सफर, हर हादसे के बाद उठते हैं सवाल, लेकिन नहीं बदले हालात

Sri Dungargarh Road Accident: सड़क पर निकलना अब सुरक्षित सफर नहीं, बल्कि जिंदगी की सबसे बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में पिछले एक महीने के दौरान हुए भीषण सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कहीं डंपर की टक्कर ने घर का चिराग बुझा दिया तो कहीं स्लीपर बस और बाइक की भिड़ंत ने परिवार को सदमे में डाल दिया।
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बीकानेर

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Anil Prajapat

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Updated: 20 Jul 2026, 7:29 AM IST

Bikaner road accident

हादसे के बाद क्षतिग्रस्त वाहन। फोटो: पत्रिका

बीकानेर। सड़क पर निकलना अब सुरक्षित सफर नहीं, बल्कि जिंदगी की सबसे बड़ी परीक्षा बनता जा रहा है। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में पिछले एक महीने के दौरान हुए भीषण सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। कहीं डंपर की टक्कर ने घर का चिराग बुझा दिया तो कहीं स्लीपर बस और बाइक की भिड़ंत ने परिवार को सदमे में डाल दिया। नीलगाय के सामने आने से वाहन पलटा तो कहीं आमने-सामने की टक्कर में पूरा परिवार खत्म हो गया। हर हादसे के बाद प्रशासनिक सक्रियता की बातें होती है, लेकिन कुछ दिनों बाद फिर सड़कें खून से लाल हो जाती है। हाल के हादसों ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, हाईवे की निगरानी, ट्रोमा सेंटर और बेहतर यातायात व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ थाना इलाके में रविवार को बस और एसयूवी में आमने-सामने की भीषण भिड़ंत में बुआ-भतीजी समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा दोपहर करीब 3 बजे नेशनल हाईवे-11 पर हुआ। बस बीकानेर से जयपुर जा रही थी, जबकि बोलेरो श्रीडूंगरगढ़ की तरफ से आ रही थी। सभी घायल बोलेरो में सवार थे, जिन्हें पीबीएम हॉस्पिटल रेफर किया गया है। इस भीषण हादसे ने पुराने हादसों हादसों की फिर याद दिला दी।

2 महीने में हुए ये सड़क हादसे

15 जुलाई: नीलगाय बनी हादसे की वजह, एक युवक की मौत

राष्ट्रीय राजमार्ग पर हेमासर फांटे के पास तड़के करीब तीन बजे अचानक नीलगाय सामने आने से बोलेरो कैम्पर अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो युवक गंभीर घायल हुए। इनमें से एक युवक ने बीकानेर ट्रोमा सेंटर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

13 जुलाई : स्लीपर बस से टकराई बाइक, मौके पर मौत

सेरूणा थाना क्षेत्र के झंझेऊ गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्लीपर बस और मोटरसाइकिल की टक्कर में कितासर भाटियान निवासी 34 वर्षीय सोनूराम सैन की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

5 जुलाई: डंपर की टक्कर ने बुझा दिया घर का चिराग

कालू रोड स्थित रेखा पेट्रोल पंप के पास डंपर ने पिकअप को टक्कर मार दी। हादसे में ओमप्रकाश जाट गंभीर घायल हो गया, जिसकी बाद में मौत हो गई। पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है।

15 जून : सात शव एक साथ, हरियाणा का परिवार खत्म

सीजराल होटल के पास कार और डंपर की आमने-सामने भिड़ंत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। इस भीषण हादसे में हरियाणा निवासी एक ही परिवार के चार मासूम बच्चों सहित सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा क्षेत्र के सबसे भयावह सड़क हादसों में गिना गया।

21 जून: स्टेट हाईवे पर फिर हादसा

सरदारशहर रोड पर गांव आड़सर के पास कार और बाइक की आमने-सामने की भिड़ंत में 25 वर्षीय राकेश सांसी की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

सवालों के घेरे में सड़क सुरक्षा

राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बढ़ते हादसे। बेलगाम रफ्तार और ओवरटेक बना बड़ा कारण। आवारा पशुओं और नीलगाय की आवाजाही पर नहीं लग रहा अंकुश। भारी वाहनों की निगरानी और ट्रैफिक प्रवर्तन पर उठ रहे सवाल। हादसों के बाद भी सुरक्षा उपायों में अपेक्षित सुधार नहीं।