Jaipur New ROB: जयपुरवासियों को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने वाली है। जयपुर के बहुप्रतीक्षित सिविल लाइंस रेल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जून के अंत तक पूरा हो जाएगा।
Civil Lines ROB: जयपुर। जयपुरवासियों को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने वाली है। जुलाई की शुरूआत के साथ ही जयपुर शहर के बहुप्रतीक्षित सिविल लाइंस रेल ओवरब्रिज पर ट्रैफिक शुरू होने की संभावना है। जेडीए अधिकारियों की मानें तो सिविल लाइंस आरओबी का निर्माण कार्य जून के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद उद्घाटन की तारीख तय कर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी।
जेडीए अधिकारियों ने बताया कि सिविल लाइंस रेल ओवरब्रिज जैकब रोड से जमनालाल बजाज मार्ग को जोड़ेगा। इसके शुरू होने से सिविल लाइंस क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि आरओबी का निर्माण कार्य अभी अंतिम चरण में है। जून के अंत तक काम पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद उद्घाटन की तारीख तय कर जुलाई में फर्राटे से वाहन दौड़ते नजर आएंगे।
इंजीनियरों का कहना है कि अब केवल रेलवे ट्रैक के ऊपर गर्डर डालने का काम बचा है, जो परियोजना का अहम चरण है। इसके लिए उत्तर पश्चिम रेलवे से अनुमति ली जा चुकी है। गर्डर इंस्टॉलेशन के दौरान ट्रेनों के संचालन पर बहुत कम असर पड़ेगा। क्योंकि यह काम दो दिन सिर्फ 3-3 घंटे में पूरा कर लिया जाएगा। रेलवे से अनुमति मिल चुकी है। अब ब्लॉक के लिए तारीख तय कर काम शुरू होगा।
बता दें कि हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अपने सोशल मीडिया कैंपेन इंतज़ार शास्त्र में इस प्रोजेक्ट का ज़िक्र करते हुए बीजेपी सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने एक्स पर लिखा था कि मुख्यमंत्री आवास से महज 100 मीटर की दूरी पर जब विकास की यह स्थिति है, तो शेष राजस्थान का क्या हाल होगा? बात जयपुर के सिविल लाइंस आरओबी की, जिसे हमारी सरकार ने 2021 में जनता को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए शुरू किया था। दुर्भाग्यपूर्ण है कि 2026 आ गया, पर भाजपा सरकार की सुस्ती और राजनीतिक द्वेष के कारण यह प्रोजेक्ट आज 'एक्सीडेंट ज़ोन' बन चुका है। क्या जनता की सुविधा से ऊपर राजनीति है? जवाब दे सरकार!
बता दें कि सिविल लाइंस आरओबी प्रोजेक्ट का काम जनवरी 2021 में शुरू हुआ था। इसका काम 18 महीनों में पूरा होने की उम्मीद थी। लेकिन, जैकब रोड को जमनालाल बजाज मार्ग से जोड़ने वाले 700 मीटर लंबे इस आरओबी को बनने में 5 साल से ज्यादा समय लग गया। दरअसल, कानूनी अड़चनों और ठेकेदार से जुड़े विवाद के कारण काम में देरी हुई। पहले जमनालाल बजाज मार्ग पर कुछ प्रॉपर्टी मालिकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और फिर कॉन्ट्रैक्ट लेने वाली एजेंसी के साथ विवाद के कारण काम रुका रहा। हालांकि, सभी विवाद खत्म होने के बाद आरओबी के काम ने रफ्तार पकड़ी। अब जल्द ही इस आरओबी पर वाहन दौड़ते नजर आएंगे।