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Good News : राजस्थान में नए क्रिमिनल लॉज के तहत ई-साक्ष्य एप लॉन्च, जानें कैसे ये करेगा काम

e-SAKSHI Launched : राजस्थान पुलिस की नई शुरुआत। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के तैयार 'ई-साक्ष्य एप' को शुक्रवार को पूरे राजस्थान में लॉन्च कर दिया गया है। यह नए क्रिमिनल लॉज डिजिटल साक्ष्यों को एप के माध्यम उन्हें क्लाउड पर स्टोरेज करेगा। जानें यह कैसे करेगा काम।
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Good News : राजस्थान में नए क्रिमिनल लॉज के तहत ई-साक्ष्य एप लॉन्च, जानें कैसे ये करेगा काम

e-SAKSHI Launched : राजस्थान में नए क्रिमिनल लॉज के तहत ई-साक्ष्य एप लॉन्च कर दिया गया है। नवीन आपराधिक कानूनों के तहत डिजिटल साक्ष्यों को एप के माध्यम से संकलित कर उन्हें क्लाउड पर स्टोरेज करने के लिए राजस्थान पुलिस ने नई शुरुआत की है। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने 'ई-साक्ष्य एप' तैयार किया है। इस एप को शुक्रवार को पूरे राजस्थान में लॉन्च कर दिया गया है।

आईओ अपने मोबाइल पर कर सकता है इंस्टॉल

राजस्थान के पुलिस महानिदेशक, साइबर अपराध एवं एससीआरबी हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि नए क्रिमिनल लॉज के तहत भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) में किसी भी अपराध से संबंधित एवीडेंस को डिजिटल रूप में संकलित एवं सुरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। इस एप को अनुसंधान अधिकारी (आईओ) अपने मोबाइल पर इंस्टॉल करके घटना से संबंधित साक्ष्यों को डिजिटल फॉर्म में रिकॉर्ड कर सकेंगे।

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किसी प्रकार की छेड़खानी नहीं हो पाएगी

हेमंत प्रियदर्शी ने आगे बताया कि सभी प्रकार के सर्च एवं सीजर की वीडियोग्राफी भी इस एप से की जाएगी। वीडियोज की 'हैस वेल्यू' तत्समय ही निकाली जाएगी एवं न्यायालय में पहुंचने तक इसे सुरक्षित रखा जाएगा। वहीं इस एप पर संकलित साक्ष्यों को सीधे 'क्लाऊड' पर डाल दिया जाएगा। ऐसे में क्लाउड पर सुरक्षित डिजिटल साक्ष्यों से किसी प्रकार की छेड़खानी नहीं की जा सकेगी और पारदर्शी तरीके से अनुसंधान का मार्ग प्रशस्त होगा।

Rajasthan E-Evidence App

4000 ट्रायल वीडियो मंगा कर किया गया परीक्षण

हेमंत प्रियदर्शी ने बताया कि इस एप को शुक्रवार से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के अलग-अलग पुलिस जिलों से 4000 ट्रायल वीडियो मंगा कर इस एप का परीक्षण किया गया।

Rajasthan E-Evidence App

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Updated on:
06 Jul 2024 05:08 pm
Published on:
06 Jul 2024 04:13 pm