जयपुर

Good News : रींगस से खाटूश्यामजी तक चलेगी ट्रेन, फुलेरा से नारनौल तक होगा दोहरीकरण

खुशखबर। अब रींगस से खाटूश्यामजी तक ट्रेन चलेगी। रेलवे 350 करोड़ रुपए की लागत से 17.19 किमी लम्बी रेल लाइन बिछएगी। खाटू में रेल लाइन से सड़क व उद्योगों का विकास होगा। इसके साथ ही फुलेरा से नारनौल भी रेलवे लाइन का दोहरीकरण होगा।

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प्रमोद स्वामी

खुशखबर। श्याम बाबा के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबर है। वे जल्द ही रेल से भी सीधे खाटू नगरी पहुंच सकेंगे। इसके लिए रेलवे ने 350 करोड़ रुपए की लागत से रींगस से खाटू तक 17.19 किमी रेल लाइन बिछाने की कयावद शुरू कर दी है। सुविधा व विकास के लिए रेल लाइन के साथ खाटू में सड़क मार्ग व औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित होंगे। इसे लेकर रेलवे की यातायात विभाग की टीम ने खाटूश्यामजी मंदिर कमेटी व नगर पालिका से प्रोजेक्ट के लिए सुझाव मांगा है।

प्रोजेक्ट को लेकर मांगे सुझाव

रेल लाइन के प्रोजेक्ट के लिए रेलवे के उप मुख्य यातायात प्रबंधक हरफूल सिंह चौधरी व राज्य सरकार के टाउन प्लानर पवन कुमार काबरा के नेतृत्व में रेलवे की टीम मंगलवार को खाटू पहुंचे। यहां श्रीश्याम मंदिर कमेटी में व्यवस्थापक संतोष शर्मा व सलाहकार भानु प्रकाश सरोज तथा नगरपालिका अधिशासी अधिकारी अरुण शर्मा व वरिष्ठ लिपिक विजयपाल सिंह से चर्चा कर उन्होंने प्रोजेक्ट पर सुझाव मांगे।

साथ ही यह सुझाव सात दिन में लिखित रूप से देने को कहा। इस दौरान रेलवे यातायात मंडल प्राधिकरण प्रबंधक आईएम कुरैशी, यातायात निरीक्षक जुगल किशोर शर्मा भी मौजूद रहे।



रेल मंत्री ने की थी घोषणा

खाटूश्यामजी तक रेल सुविधा के लिए पिछले साल 15 अप्रैल को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बयान दिया था। उन्होंने रींगस से खाटूश्यामजी तक नई रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे के लिए डीपीआर की तैयारी के लिए 40 लाख रुपए के प्रावधान की बात कही थी।

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पिछले साल पहुंचे थे 2.40 करोड़ श्रद्धालु

प्रदेश के पर्यटन विभाग के आंकड़ों के हिसाब से वर्ष 2023 में जनवरी से नवंबर के बीच बाबा श्याम के दर्शन के लिए करीब 2.40 करोड़ श्रद्धालु खाटूधाम पहुंचे थे। ऐसे में रेल लाइन बिछने से रेलवे को काफी फायदा होने की उम्मीद है।

फुलेरा से नारनौल तक होगा रेलवे लाइन का दोहरीकरण

रींगस से खाटू रेलवे लाइन के लिए सर्वे दूसरी बार हो रहा है। पहले सर्वे में खामी के चलते यह दुबारा करवाया जा रहा है। इसके अलावा फुलेरा से लेकर नारनौल तक भी रेलवे लाइन का दोहरीकरण का सर्वे भी शुरू किया गया है। करीब 164 किमी लाइन को लेकर भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सुझाव मांगे गए हैं।

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Updated on:
18 Jan 2024 07:52 am
Published on:
18 Jan 2024 07:49 am
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