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नववर्ष 2026: गोविंद देवजी, मोती डूंगरी, काले हनुमान जी, ताड़केश्वर जी, खोले के हनुमान जी में विशेष दर्शन

New Year 2026 Jaipur: जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों और देश-विदेश से आए भक्तों ने ठाकुर जी के दर्शन कर नववर्ष में सुख.समृद्धि की कामना की।

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New Year 2026 Jaipur Temple Darshan

New Year 2026 Jaipur Temple Darshan: नववर्ष 2026 के पहले दिन जयपुर धार्मिक आस्था और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। गुरुवार तड़के चार बजे जयपुर के आराध्य देव गोविंद देवजी मंदिर में मंगला आरती के साथ नए साल की शुरुआत हुई। साल के पहले दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु देर रात से ही कतारों में लग गए थे। जयपुर सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों और देश-विदेश से आए भक्तों ने ठाकुर जी के दर्शन कर नववर्ष में सुख-समृद्धि की कामना की।

मंदिरों में खास इंतजाम, आरती और झाकियों का समय बढ़ाया गया

मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की थीं। प्रवेश और निकासी मार्गों को अलग-अलग रखा गया, वहीं पुलिस और स्वयंसेवकों की मदद से भीड़ नियंत्रण किया गया, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु बनी रही। नववर्ष के अवसर पर ठाकुर श्रीजी का विशेष श्रृंगार किया गया। उन्हें सुनहरी पोशाक धारण कराई गई और दिनभर अलग-अलग समय पर झांकियों के दर्शन का लाभ श्रद्धालुओं को मिलेगा।

इधर, जयपुर के प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भी नववर्ष पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह तड़के से ही प्रथम पूज्य गणेश जी के दर्शन के लिए लंबी कतारें लग गईं। श्रद्धालुओं ने परिवार सहित मंदिर पहुंचकर नए साल की शुरुआत गणपति बप्पा का आशीर्वाद लेकर की। मंदिर के महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर गणेश जी को विशेष श्रृंगार के साथ सोने का मुकुट धारण कराया गया है।

मोती डूंगरी में बदली भोग की परपंरा, 56 तरह के लड्डुओं का विशेष भोग

इस वर्ष भोग की परंपरा को भी विशेष रूप दिया गया। 56 भोग के स्थान पर गणेश जी को 56 तरह के लड्डुओं का विशेष भोग लगाया गया। इसमें बेसन, मोतीचूर, नारियल, रवा-सूजी, आटा, मेवा और मलाई के लड्डुओं के साथ पिस्ता, सीताफल, वनीला और स्ट्रॉबेरी फ्लेवर के लड्डू शामिल रहे। इसके अलावा चूरमा, मूंग, ड्राई फ्रूट और गुलकंद के लड्डू भी भोग में रखे गए।

मंदिरों में भीड़ को देखते हुए पुलिस का खास बंदोबस्त, प्रवेश द्वारों की संख्या बढ़ाई

श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मोती डूंगरी मंदिर में दर्शन के लिए सात प्रवेश लाइनें और आठ निकासी लाइनें निर्धारित की गईं। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष इंतजाम किए गए। नववर्ष के पहले दिन दोनों प्रमुख मंदिरों में भारी भीड़ को देखते हुए शहर में ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया। गोविंद देवजी मंदिर और मोती डूंगरी गणेश मंदिर के आसपास के प्रमुख मार्गों पर यातायात को वैकल्पिक रास्तों से निकाला गया। इसके अलावा चौड़ा रास्ता में स्थित ताड़केश्वर नाथ मंदिर, वैशाली नगर में स्थित झाडखंड मंदिर, खोले के हनुमान जी मंदिर, काले हनुमान जी मंदिर समेत शहर के अन्य बड़े मंदिरों में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।