Water Management: बीसलपुर बांध की कुल भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है, जबकि वर्तमान में जलस्तर 314.51 आरएल मीटर पर बना हुआ है। इस प्रकार बांध अभी 0.99 मीटर यानी 99 सेंटीमीटर खाली है।
Bisalpur Dam: जयपुर. बीसलपुर बांध के केचमेंट एरिया में पिछले दिनों हुई बारिश के चलते पानी की आवक लगातार बनी हुई है। हाल ही में हुई बारिश से बांध में अब तक एक सेंटीमीटर पानी की आवक दर्ज की गई है। इसी के चलते पिछले दो दिनों से बांध का जलस्तर स्थिर बना हुआ है, जिससे फिलहाल जलस्तर में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा जा रहा है।
बांध के रेनगेज सेंटर पर करीब 20 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जिसके बाद कैचमेंट एरिया से पानी की निरंतर आवक बनी हुई है। बीसलपुर बांध की कुल भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है, जबकि वर्तमान में जलस्तर 314.51 आरएल मीटर पर बना हुआ है। इस प्रकार बांध अभी 0.99 मीटर यानी 99 सेंटीमीटर खाली है।
विशेषज्ञों और अधिकारियों का मानना है कि वर्तमान जलभराव की स्थिति को देखते हुए इस बार भी बांध के पूरी तरह भरने की संभावना बनी हुई है। अगर आने वाले दिनों में इसी तरह बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो बांध जल्दी ही अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंच सकता है।
वहीं, बीसलपुर बांध से जयपुर, अजमेर और टोंक जिलों को प्रतिदिन 1050 एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है। इस लगातार जल आपूर्ति के कारण बांध का जलस्तर रोजाना औसतन एक सेंटीमीटर कम हो रहा था, लेकिन हाल की बारिश ने इस कमी को संतुलित कर दिया है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी बांध में अच्छी बारिश के चलते जुलाई महीने में ही बांध पूरी तरह भर गया था। लगातार दूसरी बार बांध के भरने का रिकॉर्ड बना था। इसके अलावा, पानी की निकासी भी लंबे समय तक जारी रही थी, जो लगभग 134 दिनों तक चली। इस दौरान अब तक का सबसे अधिक 141 टीएमसी पानी छोड़ा गया था, जो एक नया रिकॉर्ड माना गया।
मौजूदा हालात को देखते हुए एक बार फिर उम्मीद जताई जा रही है कि बीसलपुर बांध इस वर्ष भी रिकॉर्ड स्तर तक भर सकता है, जिससे पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा।
315.50 आरएल मीटर है बीसलपुर बांध की कुल भराव क्षमता-
08 बार बांध अब तक भर चुका
2004 में पहली बार खोले गए थे बांध के गेट
18 गेट हैं बीसलपुर बांध में
03 प्रमुख नदियों का पानी त्रिवेणी के माध्यम से आता है बांध में
03 जिलों जयपुर, अजमेर व टोंक जिलों में पेयजल होता है सप्लाई
25 जुलाई 2025 को खोले गए थे गत वर्ष बांध के गेट