जयपुर

जनता के पैसे से बनी धर्मशालाओं को देवस्थान विभाग ने निजी हाथों में सौंपकर बना दिया होटल जितना महंगा

जनता के पैसों से जनता के लिए बनी देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं में जनता का ठहरना अब होटल जितना महंगा होगा।

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Jul 19, 2018
devsthan vibhag
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जयपुर । जनता के पैसों से जनता के लिए बनी देवस्थान विभाग की धर्मशालाओं में जनता का ठहरना अब होटल जितना महंगा होगा। ऐसा इसलिए होगा देवस्थान विभाग ने धर्मशालाओं को निजी हाथों में सौंप दिया है। धर्मशालाओं में ठहरने की नई दरें भी देवस्थान विभाग ने ही तय की हैं।

800 रुपए में मिलेगा कमरा
देवस्थान विभाग की जानकारी के अनुसार सामान्य कमरों के लिए 400 और एयरकंडीश्नर कमरों के लिए 800 रुपए तय किए गए हैं। साथ ही डोरमेट्री के 100 रुपए तय किए गए हैं। धर्मशालाओं को निजी हाथों में देने के लिए देवस्थान विभाग ने एक साल पहले सरकार को प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने इसके लिए निविदाएं निकाली। इसमें जोधपुर व बीकानेर की धर्मशालाएं बीते अप्रेल में पांच साल के लिए ठेके पर चली गई। जोधपुर की 22 कमरों वाली धर्मशाला 15 लाख 51 हजार रुपए सालाना ठेके पर दी गई है। बीकानेर की 22 कमरों वाली धर्मशाला 8 लाख 3 हजार रुपए सालाना ठेके पर दी गई। पहले जहां देवस्थान की धर्मशालाओं में ठहरने के लिए कमरे के 30 से 100 रुपए तक किराया चुकाना पड़ता था, अब नई धर्मशालाओं में यात्रियों को 400 से 800 रुपए चुकाना पड़ेगा।

अब जयपुर की बारी

जयपुर के परशुरामद्वारा में तीन साल पहले बनी 22 कमरों की धर्मशाला के लिए अभी टेंडर नहीं हो पाया है। अधिकारियों की रुचि नहीं होने से जयपुर की धर्मशाला ठेके पर जाने से रह गई। अब इस धर्मशाला को भी ठेके पर देने की तैयारी की जा रही है। देखभाल नहीं होने से धर्मशाला के खिड़की-दरवाजों के कांच टूट चुके हैं। कई जगह से रंग उतर गया है और प्लस्तर उतर गया है।

देवस्थान विभाग का मकसद कमाई करना नहीं है। विभाग की धर्मशालाओं को व्यवस्थाएं बनाए रखने और मेंटीनेंस के चलते पांच साल के लिए लीज पर दिया है। धर्मशालाओं में आने वाले लोगों को अच्छी सुविधाएं दी जाएंगी।
जितेन्द्र कुमार उपाध्याय, आयुक्त, देवस्थान विभाग, उदयपुर

Published on:
19 Jul 2018 01:51 pm