जयपुर

Rajasthan: स्पीकर देवनानी के खिलाफ आएगा अविश्वास प्रस्ताव, डोटासरा ने किया बड़ा ऐलान; जानें क्यों?

Rajasthan Politics: पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी के खिलाफ बजट सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा की है।
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Updated: 4 Sep 2025, 7:19 PM IST
Govind Singh Dotasara and Speaker Vasudev Devnani
फोटो- पत्रिका नेटवर्क

Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में कोचिंग रेगुलेशन बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक द्वारा पार्टी लाइन से हटकर बयान देने पर सियासी हंगामा मच गया है। इधर, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी के खिलाफ बजट सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाने की घोषणा की है।

इसके साथ ही, डोटासरा ने राजेंद्र पारीक के बयान को उनकी व्यक्तिगत राय करार देते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयान के बाद पारीक को पार्टी लाइन से अलग नहीं बोलना चाहिए था।

कोचिंग बिल पर कांग्रेस में मतभेद?

कोचिंग रेगुलेशन बिल पर विधानसभा में बहस के दौरान कांग्रेस विधायक राजेंद्र पारीक ने पार्टी के आधिकारिक रुख के विपरीत जाकर बिल का समर्थन किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और अन्य कांग्रेस विधायकों ने बिल में 16 साल से कम उम्र के बच्चों को कोचिंग में पढ़ने से रोकने का प्रावधान न होने पर सवाल उठाए थे।

जूली ने केंद्र सरकार की गाइडलाइंस का हवाला देते हुए कहा कि बिल में बच्चों की आत्महत्या रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने बिल को प्रवर समिति को भेजने और जुर्माना कम करने जैसे प्रावधानों को कोचिंग संस्थानों के पक्ष में बताया।

पारीक का समर्थन, बीजेपी का पलटवार

वहीं, राजेंद्र पारीक ने कोचिंग संस्थानों का समर्थन करते हुए कहा कि 16 साल की उम्र सीमा गलत है। उन्होंने तर्क दिया कि 14 साल की उम्र में ही बच्चों को कोचिंग में पढ़ने की अनुमति होनी चाहिए, जैसा कि अन्य राज्यों में है। पारीक ने सीकर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कोचिंग संस्थानों ने ग्रामीण और गरीब परिवारों के बच्चों को आईएएस, आईपीएस और आईआईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाई है।

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उन्होंने कहा कि मैंने सीकर में कोचिंग संस्थानों को बीज से पेड़ बनते देखा है। ये संस्थान गरीब बच्चों को अवसर देते हैं, जो दिल्ली-जयपुर जैसे बड़े शहरों में पढ़ने नहीं जा सकते। पारीक के इस बयान को बीजेपी ने कांग्रेस विधायक दल में फूट के रूप में पेश किया। बीजेपी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस के विधायक अपनी ही पार्टी की राय का पालन नहीं कर रहे।

जूली का जवाब, डोटासरा की नाराजगी

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पारीक के बयान को उनकी निजी राय बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने शोध के आधार पर 16 साल की उम्र तय की है। जूली ने बिल पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कोचिंग संस्थानों को फायदा पहुंचाने वाला है और बच्चों की आत्महत्या रोकने के लिए इसमें पर्याप्त प्रावधान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जुर्माना कम करने और कोचिंग संस्थानों की छात्र संख्या बढ़ाने जैसे बदलाव कोचिंग मालिकों के हित में हैं।

वहीं, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने पारीक के बयान पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने जब पार्टी की राय स्पष्ट कर दी थी तो पारीक को उससे अलग बोलने की जरूरत नहीं थी। यह उनकी व्यक्तिगत राय थी, लेकिन पार्टी लाइन का पालन करना चाहिए था।

Updated on:
4 Sep 2025, 7:19 PM IST
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