जयपुर

‘व्यक्तिवादी पूजा से कांग्रेस ने बहुत नुकसान झेला’, गहलोत आवास पर ‘चौथी बार CM’ के नारे लगने पर डोटासरा का तंज

Rajasthan Congress: गहलोत आवास पर कार्यकर्ताओं की ओर से ‘अशोक गहलोत चौथी बार मुख्यमंत्री बनें’ के नारे लगाए जाने के मीडिया के सवाल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सियासी तंज कसते हुए कहा, ‘व्यक्तिवादी पूजा से कांग्रेस ने बहुत नुकसान झेला है।’ उन्होंने कार्यकर्ताओं को यह भी नसीहत दी कि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मुख्यमंत्री वाले नारे मत लगाना, अन्यथा पहले वाली बात हो जाएगी।
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Updated: 31 Jul 2026, 6:59 AM IST
Govind Singh Dotasra on Ashok Gehlot
बीएपी से कांग्रेस में लौटे कार्यकर्ताओं के साथ अशोक गहलोत व इनसेट में गोविंद सिंह डोटासरा। फोटो: पत्रिका

जयपुर। भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) से कांग्रेस में लौटे कार्यकर्ताओं की जॉइनिंग गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस में सियासी चर्चा का विषय बन गई। पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय के नेतृत्व में बांसवाड़ा से पहुंचे कार्यकर्ता पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सिविल लाइंस आवास पर पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेस का दुपट्टा पहनकर सदस्यता ग्रहण की। इसके बाद वे प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पहुंचे।

गहलोत आवास पर कार्यकर्ताओं की ओर से ‘अशोक गहलोत चौथी बार मुख्यमंत्री बनें’ के नारे लगाए जाने के मीडिया के सवाल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सियासी तंज कसते हुए कहा, ‘व्यक्तिवादी पूजा से कांग्रेस ने बहुत नुकसान झेला है।’ उन्होंने कार्यकर्ताओं को यह भी नसीहत दी कि प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में मुख्यमंत्री वाले नारे मत लगाना, अन्यथा पहले वाली बात हो जाएगी।

नारों का कोई फर्क नहीं, एक बार आते हैं, एक बार नहीं

डोटासरा ने नाम लिए बगैर पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर तंज कसते हुए कहा कि व्यक्ति विशेष के नारे लगाने से परिणाम नहीं मिलता। उन्होंने कहा कि वे गहलोत और सचिन पायलट के बराबर के नेता नहीं हैं, लेकिन प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हैं। संगठन चलाते हैं, इसलिए मालवीय को सोचना चाहिए था कि वे क्या कर रहे हैं।

मालवीय की कांग्रेस के बगैर पार नहीं पड़ी

डोटासरा ने मालवीय की मौजूदगी में मीडिया से कहा कि मालवीय कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में गए थे। वहां विधायक बने, न सांसद बन सके। इनकी कांग्रेस के बगैर पार नहीं पड़ी। भाजपा में जाने पर उन्हें चुनौती देकर चुनाव हराया। पार्टी हाईकमान ने नहीं कहा था कि भारत आदिवासी पार्टी से समझौता करो, लेकिन हमने अपने स्तर पर समझौता किया और चुनाव हराया।

मुझसे बड़ा नेता आज मेरे पीछे खड़ा

डोटासरा ने कहा कि मालवीय कांग्रेस में मुझसे बड़े नेता थे, लेकिन एक गलती की वजह से आज मेरे पीछे खड़े हैं। अगर मेरी सिफारिश नहीं होती तो मालवीय कांग्रेस में दोबारा नहीं आ पाते। डोटासरा ने कहा कि अगर कोई कांग्रेस का दुपट्टा पहनकर प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय आएगा तो मैं उसका स्वागत करूंगा। ये अशोक गहलोत के यहां होकर आए हैं तो भी इनका स्वागत है। मुझे फर्क नहीं पड़ता कि वे पहले कहां जाकर आए थे।

परंपरा टूटने जैसी कोई बात नहीं : मालवीय

मालवीय ने कहा कि जहां तक जॉइनिंग की बात है, पहले ही हो गई थी, लेकिन युवाओं ने तय किया था कि वे पूर्व सीएम गहलोत से मुलाकात करेंगे। इसलिए उन्हें गहलोत के आवास पर लेकर गया था। परंपरा टूटने जैसी कोई बात नहीं है।

‘बीएपी’ फिर से कांग्रेस में आए: गहलोत

पूर्व सीएम गहलोत ने भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के कार्यकर्ताओं के पूर्व मंत्री मालवीय के नेतृत्व में आवास पर आने और कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के मौके पर मीडिया से बातचीत में कहा कि आदिवासियों को हमने प्राथमिकता दी, ‘बीएपी’ फिर से कांग्रेस में आए। आज बीएपी, कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रही है और फायदा भाजपा को मिल रहा है। मालवीय को लेकर कहा कि वे कुछ गलतफहमियों के चलते पार्टी छोड़कर चले गए थे।

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31 Jul 2026, 6:59 AM IST
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