जयपुर

Rajasthan Politics : चौतरफा घिरे मंत्री किरोड़ी लाल को सांसद हनुमान बेनीवाल का साथ ! सीएम भजनलाल से की अपील

जयपुर में बरसे नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल। घूसकांड में घिरे कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का किया खुला समर्थन। मुख्यमंत्री भजनलाल से पूछा- सिर्फ एक मंत्री पर एक्शन तो बाकी पर चुप्पी क्यों?
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Jun 11, 2026
Hanuman Beniwal Supports Kirodi Lal Meena Targets Bhajanlal Govt Ministers
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राजस्थान के कृषि विभाग में सामने आए 2.43 करोड़ रुपए के कथित खाद-बीज घूसकांड को लेकर जहां मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस लगातार आक्रामक है और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के इस्तीफे की मांग कर रही है, वहीं प्रदेश की राजनीति में एक बेहद ही दिलचस्प और नया मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने सार्वजनिक रूप से डॉ. किरोड़ी लाल मीणा का खुला समर्थन कर दिया है। जयपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में हनुमान बेनीवाल ने न केवल किरोड़ी लाल मीणा की बेदाग छवि का बचाव किया, बल्कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सरकार को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर दिया।

बेनीवाल ने सीधा आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर कुछ चयनित मामलों पर ही कार्रवाई कर रही है। उन्होंने पूछा कि अगर भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का पैमाना एक है, तो सरकार के बाकी आधा दर्जन मंत्रियों पर लग रहे गंभीर आरोपों पर मुख्यमंत्री मौन क्यों हैं?

'मैं डॉ. साहब को लंबे समय से जानता हूँ'

प्रेस वार्ता के दौरान जब मीडियाकर्मियों ने हनुमान बेनीवाल से बीज निगम घूसकांड और उसमें कृषि मंत्री का नाम आने को लेकर सवाल पूछा, तो बेनीवाल ने बेहद साफगोई और सपाट तरीके से जवाब दिया। उन्होंने कहा, "मैं बहुत लंबे समय से डॉ. साहब (किरोड़ी लाल मीणा) के साथ रहा हूँ, हमने सड़क से लेकर सदन तक साथ में संघर्ष किया है। राजस्थान का कोई भी व्यक्ति जो उन्हें करीब से जानता है, वह यह सपने में भी नहीं सोच सकता कि इस तरह के पैसों के लेन-देन या भ्रष्टाचार के मामलों में सीधे तौर पर उनका नाम आ सकता है।"

हनुमान बेनीवाल ने आगे कहा कि यदि किसी प्रशासनिक चूक या विभागीय अनियमितता के कारण एक मंत्री को जानबूझकर कटघरे में खड़ा किया जा रहा है या उन पर इस्तीफे का दबाव बनाया जा रहा है, तो फिर अन्य घपलों, घोटालों और बाकी मंत्रियों के विभागों में चल रही खुली लूट पर भी समान रूप से निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही का पैमाना सभी के लिए एक समान होना चाहिए, चाहे वह व्यक्ति किसी भी रसूखदार पद पर बैठा हो या किसी भी दल से जुड़ा हुआ हो।

'आधा दर्जन मंत्रियों पर हैं गंभीर आरोप'

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने आरोप लगाया कि वर्तमान राज्य सरकार पूरी तरह से ब्यूरोक्रेसी के दबाव में चल रही है और राज्य के हालात पूरी तरह बदहाल हो चुके हैं। उन्होंने एक-एक करके सरकार के कई कैबिनेट और राज्य मंत्रियों पर बेहद संगीन आरोप जड़ दिए:

मंत्री केके बिश्नोई पर हमला: बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान के लाखों युवाओं के भविष्य को बर्बाद करने वाले सब-इनस्पेक्टर (SI) पेपर लीक प्रकरण 2021 की जांच में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की पूछताछ के दौरान राज्य सरकार के मंत्री केके बिश्नोई का नाम सामने आया था, लेकिन सरकार ने उस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया।

मंत्री कन्हैयालाल चौधरी पर आरोप: जलदाय विभाग के मंत्री कन्हैयालाल चौधरी खुद अपने ही विभाग के भ्रष्ट और दागी अधिकारियों को खुला संरक्षण दे रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने नियमों को ताक पर रखकर अपने खुद के सगे-रिश्तेदारों के नाम से करोड़ों रुपए के सरकारी टेंडर जारी करवा रखे हैं।

मंत्री जोगाराम पटेल और बेढम का जिक्र: संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने सगे पुत्र को राज्य का महाधिवक्ता (Advocate General) बनवा दिया। वहीं गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के दामाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कार्रवाई से डरकर भागते हुए फिर रहे हैं।

स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह पर निशाना: बेनीवाल ने कहा कि राजस्थान की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से वेंटिलेटर पर आ चुकी हैं। कोटा के बाद अब बीकानेर के सरकारी अस्पताल में प्रसूताओं की किडनी फेल हो जाने का गंभीर मामला सामने आया है। स्वास्थ्य महकमे में भारी भ्रष्टाचार व्याप्त है और खुद विभाग के मंत्री को अपने महकमे की बुनियादी तकनीकी जानकारी तक नहीं है।

'मीडिया के सामने आकर स्पष्टीकरण दें सीएम'

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जयपुर की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए 'प्रमोद शर्मा' नाम के एक शख्स का प्रमुखता से जिक्र किया। सांसद बेनीवाल ने कहा, "पूरे प्रदेश में खुद को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का रिश्तेदार बताने वाला प्रमोद शर्मा नाम का व्यक्ति घूम रहा है। उसके खिलाफ पुलिस थानों में गंभीर और गैर-जमानती धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। यहां तक कि उसे राजस्थान हाई कोर्ट से भी कोई कानूनी राहत नहीं मिली है। इसके बावजूद वह खुलेआम घूम रहा है और राजस्थान पुलिस उसे छूने से भी कतरा रही है।"

बेनीवाल ने मुख्यमंत्री से सीधी मांग की कि सीएम को खुद तुरंत मीडिया के सामने आकर आधिकारिक वक्तव्य देना चाहिए कि यह प्रमोद शर्मा उनका रिश्तेदार है या नहीं, और यदि नहीं है तो वह अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर क्यों है?

पायलट-गहलोत विवाद पर भी बोले

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कांग्रेस के पुराने अंदरूनी घटनाक्रमों पर टिप्पणी करते हुए बेनीवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के विवाद पर भी खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "जब मानेसर कांड हुआ था, उस वक्त राजस्थान में भारी भ्रष्टाचार हुआ और उस दौरान आरएलपी के तीनों विधायक पूरी तरह से भाजपा के स्टैंड के साथ खड़े थे।"

उन्होंने सचिन पायलट पर तंज कसते हुए कहा कि पायलट धरातल पर कोई वास्तविक आंदोलन या संघर्ष नहीं करना चाहते, वे बिना किसी जन-आंदोलन के सीधे सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर बैठना चाहते हैं। लेकिन उन्हें यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि जनता के हकों के लिए सड़कों पर लड़े बिना इस देश और प्रदेश में कोई भी व्यक्ति किसी को अपना नेता स्वीकार नहीं करता।

भरतपुर और डीग में होगी महारैली

अपनी पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) की भविष्य की रणनीतियों को साझा करते हुए सांसद हनुमान बेनीवाल ने एलान किया कि उनकी पार्टी राजस्थान के हर नागरिक के हक के लिए लगातार संघर्ष कर रही है। उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में भरतपुर, धौलपुर और डीग जिले के जाट समाज के परिवारों को केंद्र सरकार की नौकरियों में ओबीसी (OBC) का आरक्षण दिलवाने की न्यायसंगत मांग को लेकर आरएलपी एक बहुत ही बड़ी और ऐतिहासिक जन-रैली का आयोजन करने जा रही है।

हनुमान बेनीवाल और किरोड़ी लाल मीणा का कनेक्शन

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राजस्थान के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और हनुमान बेनीवाल का अंतर्संबंध बेहद दिलचस्प, अनूठा और हमेशा से 'खट्टा-मीठा' रहा है। ये दोनों ही नेता प्रदेश के दो सबसे बड़े और निर्णायक सामाजिक समूहों (मीणा और जाट) के सर्वमान्य और कद्दावर चेहरे माने जाते हैं।

इन दोनों ही नेताओं की मुख्य पहचान एसी कमरों में बैठने वाले नेताओं की नहीं, बल्कि सड़क से लेकर सदन तक लाठियां खाकर आंदोलन करने वाले जुझारू नेताओं के रूप में होती है। चाहे बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाने का मुद्दा हो, किसान आंदोलन हो, या फिर सरकारी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक का मामला- दोनों अक्सर एक ही तरह के मुद्दों पर तत्कालीन सरकारों को सामूहिक रूप से घेरते नजर आए हैं। सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द कराने की मांग को लेकर बेनीवाल की जयपुर रैली में जुटी भारी भीड़ और किरोड़ी लाल मीणा के प्रशासनिक प्रयासों ने इस मुद्दे को बड़ा बनाया था।

2025 का क्रेडिट वॉर : अगस्त 2025 में जब एसआई भर्ती परीक्षा से जुड़ा घटनाक्रम आगे बढ़ा, तो दोनों नेताओं के बीच इस बड़ी कार्रवाई का श्रेय लेने की होड़ मच गई थी, जिसके कारण दोनों के बीच भयंकर राजनैतिक तनाव पैदा हो गया था। उस विवाद के दौरान हनुमान बेनीवाल ने किरोड़ी लाल पर 'नेताओं से पैसे वसूलने और ब्लैकमेलिंग का धंधा' करने के गंभीर आरोप लगाए थे। जवाब में पलटवार करते हुए डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने भी बेनीवाल पर बजरी, खाद, बीज और पेस्टिसाइड माफियाओं से पैसा लेने तथा मीणा समाज के युवाओं को बरगलाने के सीधे आरोप मढ़े थे।

इस तीखी व्यक्तिगत बयानबाजी के बावजूद दोनों नेताओं ने हमेशा यह स्वीकार किया है कि उनके बीच परदे के पीछे एक पुराना और बेहद सम्मानजनक पारिवारिक रिश्ता रहा है। जब लाइव डिबेट और सार्वजनिक मंचों पर यह विवाद बहुत ज्यादा बढ़ गया, तो डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने अपना बड़प्पन दिखाते हुए अपने तीखे बयानों पर सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया और माफी मांग ली। इसके तुरंत बाद हनुमान बेनीवाल ने भी अपनी राजनीतिक नरमी दिखाते हुए स्पष्ट कहा था कि "किरोड़ी लाल मीणा आज भी मेरे बड़े भाई जैसे हैं और मैं हमेशा उनका सम्मान करता हूँ।"

2026 के हालिया समीकरण: वर्तमान वर्ष 2026 की राजनीति में भी इनके बीच समय-समय पर राजनैतिक तल्खी दिखती रहती है। हाल ही में किरोड़ी लाल मीणा ने बेनीवाल की राजनीतिक ताकत और जनता के बीच उनके कड़े परिश्रम की खुलकर तारीफ तो की थी, लेकिन साथ ही एक बड़े भाई के नाते यह कमी भी निकाली थी कि बेनीवाल अक्सर आवेश में आकर बिना किसी ठोस आधार के बड़े संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को अपशब्द कह देते हैं, जिससे उन्हें राजनीतिक जीवन में पूरी तरह बचना चाहिए। किरोड़ी लाल जहां वर्तमान में सत्तापक्ष (भाजपा सरकार) का हिस्सा हैं, वहीं बेनीवाल विपक्ष के तौर पर सरकार पर लगातार हमलावर हैं।

    Updated on:
    11 Jun 2026 09:43 am
    Published on:
    11 Jun 2026 09:43 am