
जयपुर।
गुजरात में पाटीदारों को आरक्षण देने की जंग को लेकर तीन साल पहले शुरू किए गए आंदोलन को लेकर चर्चा में आए हार्दिक पटेल तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में युवाओं को एकजुट कर रहे हैं। अहमदाबाद में हॉट सीट पर हार्दिक ने देश और तीनों राज्यों की राजनीति पर की खुलकर बात...
राज., मप्र और छग में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को आप किस रूप में ले रहे हैं?
हार्दिक: मैं गत छह महीने से तीन राज्यों में घूम रहा हूं। मतदाताओं, खासकर युवाओं से मिल रहा हूं। तीनों जगह मतदाता सरकारों से नाखुश हैं और सत्तारूढ़ दल के खिलाफ मतदान करने का मानस बना चुके हैं।
आप इन राज्यों में कांग्रेस के समर्थन में प्रचार करेंगे अथवा भाजपा के खिलाफ?
हार्दिक: मैं न कांग्रेस के साथ हूं और न भाजपा के खिलाफ। मैं सिर्फ मुद्दों की बात करता हूं। युवाओं को लगता है कि तीनों राज्यों की सरकारों ने उन्हें रोजगार देने का काम किया? यदि नहीं तो वे भाजपा को वोट क्यों दें?
तो क्या देश मेें साढ़े चार साल में कुछ नहीें हुआ है?
हार्दिक: हुआ क्यों नहीं? कुछ परिवारों की संपत्ति दोगुनी-तिगुनी हो गई। कुछ बड़े लोग बैंकों से अरबों-खरबों रुपए का कर्ज लेकर विदेश भाग गए। नौकरी की उम्मीद मेें युवा इधर उधर भटक रहे हैं। पड़ोसी देशों से संबंध और बिगड़े हैं।
प्रधानमंत्री कहते हैं कि वे देश को सही रास्ते पर ले जा रहे हैं?
हार्दिक: हमें अटल जी की अंतिम यात्रा में 6 किलोमीटर पैदल चलने वाला प्रधानमंत्री नहीं चाहिए। हमें ऐसा प्रधानमंत्री चाहिए जो अटल बिहारी वाजपेयी के बताए रास्ते पर चलकर देश को आगे ले जा सके।
भाजपा को उम्मीद हैं कि तीनों राज्यों में मतदाता एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नाम पर उसे वोट देंगे?
हार्दिक: मोदी जी ने साढ़े चार साल में क्या किया? कहते थे, गंगा को साफ करूंगा,साफ हुई? कहते थे, विदेशों से कालाधन वापस लाऊंगा, कालाधन आया? नोटबंदी से क्या हुआ? रफाल सौदे से उजागर हो गया कि देश का चौकीदार ही सरकारी खजाने में सेंध लगवा रहा है।
तीन राज्यों के चुनावी नतीजों से क्या संदेश निकलेगा?
हार्दिक: तीन राज्यों के चुनाव परिणाम 2019 के लोकसभा चुनाव की नींव रखेंगे। तीनों जगह भाजपा हारेगी और विपक्षी एकता की नई कवायद शुरू होगी।
तीन राज्यों के चुनाव में गुजरात के तीन छोकरों (हार्दिक,जिग्नेश,अल्पेश) की क्या भूमिका रहेगी?
हार्दिक: मैं सिर्फ मेरी और जिग्नेश की बात जानता हूं। हम दोनों तीन राज्यों में जा रहे हैं। आगे भी जाएंगे।
राजस्थान, मध्यपद्रेश और छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव में असल मुद्दे क्या रहेंगे?
हार्दिक: तीनों राज्यों में बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, बिगड़ती कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार मुद्दे बनेंगे। तीनों सरकारें न तो युवाओं को रोजगार दे पाई और न किसानों के आंसू पोंछ पाई। बिना रिश्वत दिए कहीं कोई काम नहीं होता। जनता सब देख रही हैं।