जयपुर

Rajasthan Politics : ‘आपका मुख्यमंत्री बनना मुश्किल है’, टीकाराम जूली से बोले राज्यपाल हरिभाऊ, जानें फिर क्या हुआ?

राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर कसा ऐसा तंज कि गूंज उठे ठहाके! बोले— 'आपका सीएम बनना मुश्किल है, आगे बहुत लंबी लाइन है।' पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी।

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May 18, 2026
प्रतीक चिन्ह का लोकार्पण कार्यक्रम

राजस्थान विधानसभा का विधायक कक्ष सोमवार को एक बेहद अनूठे और हल्के-फुल्के सियासी माहौल का गवाह बना। राजनीति के गंभीर मंच पर जब राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने बोलना शुरू किया, तो उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ ऐसी चुटकी ली कि पूरा हॉल ठहाकों से गूंज उठा।

यह पूरा वाकया उस समय हुआ जब राजस्थान विधानसभा के गौरवशाली 75 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर ‘अमृत महोत्सव उद्घोष’ कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इस दौरान मंच पर और सामने राजस्थान की राजनीति के कई धुरंधर मौजूद थे।

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'मुझे लगा बुजुर्ग होंगे, लेकिन यह तो बहुत युवा हैं'

राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े

राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जैसे ही अपना संबोधन शुरू किया, उन्होंने सबसे पहले टीकाराम जूली के नाम पर चुटकी ली। राज्यपाल ने हंसते हुए कहा, "जब मैंने पहली बार नेता प्रतिपक्ष का नाम 'टीकाराम' सुना, तो मुझे लगा कि राजस्थान के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री टीकाराम पालीवाल की तरह ही यह भी कोई बुजुर्ग और सीनियर नेता होंगे। लेकिन, जब मैंने जूली जी को देखा तो पाया कि इनकी उम्र तो अभी बहुत कम है। यह अभी बहुत अच्छा बोलते हैं और पूरी तरह से युवा हैं।"

'आपका मुख्यमंत्री बनना मुश्किल लग रहा है'

प्रतीक चिन्ह का लोकार्पण कार्यक्रम

इसके बाद राज्यपाल ने राजस्थान के इतिहास और कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति का जिक्र करते हुए जूली के मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा पर अब तक का सबसे मजेदार तंज कस दिया। राज्यपाल ने कहा, 'राजस्थान के पहले मुख्यमंत्री टीकाराम (पालीवाल) जी थे, वो तो मुख्यमंत्री होकर चले गए। लेकिन जूली जी, आप भविष्य में कभी मुख्यमंत्री होंगे कि नहीं होंगे, यह मुझे मालूम नहीं। वैसे आपके होने की उम्मीद कम है क्योंकि आपकी पार्टी में आपके आगे तो बहुत लंबा नंबर लगा हुआ है, बहुत लोग लाइन में आगे बैठे हैं! आपका नंबर कब आएगा? मुझे तो लगता नहीं है।"

VIDEO में देखें, क्या कहा राज्यपाल ने?

जब यूनुस खान ने कहा- 'अगले सीएम टीकाराम जूली ही बनेंगे'

राज्यपाल के इस तंज पर जैसे ही हॉल में लोग हंसने लगे, वैसे ही डीडवाना से निर्दलीय विधायक और पूर्व मंत्री यूनुस खान ने माहौल को और हवा दे दी। यूनुस खान ने बीच में टोकते हुए मजाकिया अंदाज में कहा- "साहब, राजस्थान के अगले मुख्यमंत्री टीकाराम जूली साहब ही बनेंगे।"

यूनुस खान के इस बयान पर वहां मौजूद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल जोर-जोर से हंसने लगे और पूरा माहौल बेहद दोस्ताना हो गया।

'महाराष्ट्र में तो नेता प्रतिपक्ष मंत्री बन गए...'

राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े

राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े यहीं नहीं रुके, उन्होंने टीकाराम जूली को घेरने के लिए अपने गृह राज्य महाराष्ट्र की दल-बदल और गठबंधन की राजनीति का एक तीखा लेकिन मजेदार उदाहरण दे डाला।

राज्यपाल ने मुस्कुराते हुए जूली की तरफ देखा और कहा, "वैसे आजकल विपक्ष का भी कोई भरोसा नहीं रहता है। हमारे महाराष्ट्र में तो जो नेता प्रतिपक्ष थे, उन्होंने अचानक इस्तीफा दिया और पाला बदलकर सत्ताधारी पार्टी में शामिल होकर सीधे कैबिनेट मंत्री बन गए।"

जूली का इशारा: राज्यपाल के इस 'ऑफर' और तंज पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंच से ही हंसते हुए और हाथ जोड़कर "ना" का इशारा किया, यानी वे कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं।

विधानसभा को मिला अपना नया 'प्रतीक चिन्ह'

इस जबरदस्त हास्य-व्यंग्य के बीच मुख्य कार्यक्रम यानी राजस्थान विधानसभा के नए प्रतीक चिन्ह (Logo) का लोकार्पण पूरी गरिमा के साथ संपन्न हुआ। स्पीकर वासुदेव देवनानी की पहल पर तैयार किए गए इस नए प्रतीक चिन्ह में राजस्थान की संस्कृति, शौर्य और लोकतांत्रिक मूल्यों की झलक दिखाई देती है।

विधानसभा को मिला अपना नया 'प्रतीक चिन्ह'

इस मौके पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सदन के भीतर इस तरह का सौहार्दपूर्ण माहौल यह दिखाता है कि राजस्थान की राजनीतिक संस्कृति कितनी समृद्ध और परिपक्व है।

राजनीति की कड़वाहट के बीच राहत के कुछ पल

अक्सर देखा जाता है कि सोशल मीडिया और टीवी डिबेट्स में पक्ष-विपक्ष के नेता एक-दूसरे के जानी दुश्मन नजर आते हैं। लेकिन राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और टीकाराम जूली के बीच हुआ यह संवाद यह साबित करता है कि परदे के पीछे हमारे राजनेता आज भी एक-दूसरे का बेहद सम्मान करते हैं और हंसी-मजाक के पलों को खुलकर जीते हैं।

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Updated on:
18 May 2026 03:41 pm
Published on:
18 May 2026 03:30 pm
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