राजस्थान में नए जिले समाप्त करने के मामले पर सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब दिया है।
राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट में जवाब पेश कर गंगापुरसिटी व नीमकाथाना जिला समाप्त करने के मामले में दायर याचिकाएं खारिज करने का आग्रह किया है। जवाब में कहा कि जिला समाप्त करने का निर्णय लेने से पहले भौगोलिक सहित सभी परिस्थितियों का परीक्षण करवाया। विकास के लिए जिले खत्म करने का फैसला किया और राज्य सरकार को प्रशासन चलाने के लिए ऐसे निर्णय़ लेने का अधिकार है।
कोर्ट ने जवाब पर याचिकाकर्ताओं को पक्ष रखने के लिए समय देते हुए सुनवाई 13 फरवरी तक टाल दी। न्यायाधीश इन्द्रजीत सिंह व न्यायाधीश विनोद कुमार भारवानी की खण्डपीठ ने मंगलवार को विधायक रामकेश मीणा, पूर्व विधायक रमेश चंद्र खंडेलवाल व नीमकाथाना बार एसोसिएशन की जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की।
याचिकाओं में कहा है कि नए जिलों में इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित हो गया है। सरकार बदलने के साथ ही राजनीति से प्रेरित होकर जिले खत्म किए गए, जो जनहित में नहीं है।
राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि बिना आधार याचिका दायर की गई। याचिका दायर करने से पहले सरकार से कोई जानकारी नहीं मांगी गई और कोर्ट की नाराजगी के बाद आरटीआई के तहत दस्तावेज मांगे गए।