जयपुर

Rajasthan Politics: विधायक दल की बैठक में डोटासरा और धारीवाल के बीच तकरार, राजस्थान कांग्रेस की रणनीति पर उठे सवाल

राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में 2 साल बनाम 5 साल बहस के बहिष्कार पर मतभेद उभर आए। शांति धारीवाल ने बहस में शामिल होने की वकालत की, जबकि गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रतिवेदन में कांग्रेस कार्यकाल शामिल न होने का हवाला दिया।
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Feb 24, 2026
Heated Clash Between Govind Singh Dotasra and Shanti Dhariwal at Congress Legislature Party Meeting
Shanti Dhariwal and Govind Singh Dotasra (Patrika Photo)

जयपुर: विधानसभा में 2 साल बनाम 5 साल मुद्दे पर हुई बहस के बहिष्कार को लेकर सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में दो वरिष्ठ नेताओं के बीच तकरार हो गई। बैठक नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अध्यक्षता में विपक्ष की आगामी रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी।

सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ विधायक शांति धारीवाल ने कहा कि कांग्रेस को उक्त बहस में भाग लेना चाहिए था और बहिष्कार उचित नहीं था। इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि जब कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल को प्रतिवेदन में शामिल नहीं किया गया, तब बहस में शामिल होना सही नहीं था।

बताया जाता है कि इस दौरान धारीवाल ने अपनी बात पूरी करने का आग्रह करते हुए टोका-टाकी की। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत समेत करीब 50 विधायक मौजूद रहे। अंततः बैठक में निर्णय लिया गया कि सदन में कांग्रेस एकजुट होकर जनहित के मुद्दे उठाएगी और सरकार से हर विषय पर जवाबदेही सुनिश्चित करेगी।

2 साल बनाम 5 साल’ पर भाजपा का पलटवार

भाजपा विधायक सुभाष मील ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि दो वर्षों में भाजपा सरकार ने 150 नए कॉलेज खोलने का कार्य किया है, जबकि कांग्रेस ने पांच साल में केवल 57 कॉलेज स्थापित किए थे।

उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने दो साल में 17 महाविद्यालयों को पीजी कॉलेज में उन्नत किया है। मील ने कहा कि दो वर्षों में 21 पॉलिटेक्निक कॉलेज खोले गए, जबकि कांग्रेस शासनकाल में पांच साल में केवल पांच पॉलिटेक्निक कॉलेज ही खोले गए थे।

Updated on:
24 Feb 2026 10:45 am
Published on:
24 Feb 2026 10:08 am