
हुब्बल्ली. कर्नाटक में मानसून ने एक बार फिर रौद्र रूप धारण कर लिया है। रविवार को राजधानी बेंगलूरु सहित 12 जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ, 20 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और 9 पुल जलमग्न होने से अनेक गांवों का संपर्क टूट गया है। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर राहत एवं बचाव व्यवस्था तेज कर दी है।
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Bनदियां उफान पर, स्कूलों में अवकाशB
हेमावती, शरावती, अघनाशिनी, गंगावली, वरदा, काली, भद्रा, तुंगा, कृष्णा, तुंगभद्रा, घटप्रभा, मलप्रभा, दूधगंगा और वेदगंगा समेत कई नदियां उफान पर हैं। शिवमोग्गा जिले के सागर और तीर्थहल्ली तथा उत्तर कन्नड़ के जोयडा और दांडेली तालुकों में 3 अगस्त को स्कूल-कॉलेजों में अवकाश घोषित किया। वहीं रायचूर जिले के देवदुर्ग और लिंगसुगूर तालुक के 45 गांवों में बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है।
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Bजलाशयों में बढ़ा जलस्तरB
राज्य के प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक लगातार बनी हुई है। लिंगनमक्की जलाशय में सोमवार सुबह 59,203 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की गई और जलस्तर 1784.70 फीट पहुंच गया। भद्रा जलाशय में 36,103 क्यूसेक की आवक के साथ जलस्तर 163 फीट 6 इंच रहा, जबकि तुंगा जलाशय में 86,123 क्यूसेक पानी की आवक और 89,503 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। तुंगभद्रा जलाशय का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।
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Bकई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावितB
चिक्कमगलूरु में तुंगा नदी की बाढ़ से सडक़ें जलमग्न हो गईं और कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। शिवमोग्गा के शिकारीपुर में अंजनापुर बांध भरकर छलकने लगा। बेलगावी और महाराष्ट्र में भारी बारिश के कारण कृष्णा नदी में 1.07 लाख क्यूसेक से अधिक पानी बह रहा है। हिप्परगी, आलमट्टी और नारायणपुर बांधों से भी बड़े पैमाने पर पानी छोड़ा जा रहा है। कई मंदिरों और निचले इलाकों में पानी घुस गया है, जबकि हावेरी जिले में वरदा नदी पर बना ब्रिज-कम-बैराज पूरी तरह डूब गया है।
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Bपश्चिमी घाट में भारी वर्षाB
पिछले 24 घंटों में सावेहक्कलु (176 मिमी), माणी (168 मिमी), हुलिकल (154 मिमी), मास्तिकट्टे (139 मिमी), यडूर (133 मिमी) और चक्रा (117 मिमी) में अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग ने पश्चिमी घाट और तटीय क्षेत्रों में अगले 24 घंटे भी सतर्क रहने की सलाह दी है।