Heavy Rain Alert: राजस्थान में सितंबर महीने में मानसून की मेहरबानी बनी हुई है। IMD ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
राजस्थान में मानसूनी (Monsoon) बारिश का दौर लगातार जारी है। इस बीच मौसम विभाग ने आगामी 2 घंटों के लिए नया अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार बीकानेर, नागौर, सवाईमाधोपुर और भरतपुर जिले में एक-दो दौर भारी बारिश का आ सकता है। विभाग ने इन सभी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इसके साथ ही जयपुर, दौसा, करौली, धौलपुर, टोंक, सीकर, अलवर, बारां, जैसलमेर, कोटा, झालावाड़, बूंदी, चूरू, झुंझुनूं, अजमेर, जोधपुर जिले और आस-पास के क्षेत्र में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। विभाग ने इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
वहीं अलवर जिले के औद्योगिक शहर भिवाड़ी में सोमवार रात से लगातार हो रही तेज बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। पूरा शहर चारों ओर से पानी में घिर चुका है, जिससे लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। घरों में कैद हो चुके लोग, दुकानों, बैंकों, कार्यालयों में घुसा पानी, सड़कों पर बहता पानी, जैसे दृश्य शहर के हर कोने में नजर आ रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र यूआईटी गौरव पथ, सेंट्रल मार्केट के सामने, भिवाड़ी बायपास और भगत सिंह कॉलोनी हैं।
बस स्टैंड के आसपास भी यही स्थिति है, जहां सड़कें पूरी तरह पानी में डूबी हुई हैं। सड़कों पर गड्ढे नजर नहीं आ रहे, जिससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का अंदेशा बना हुआ है। खिजुरिवास के पास टोल टैक्स पर राजमार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जहां वाहन गड्ढों में फंसकर रुक रहे हैं। इससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग चुका है। दोपहिया वाहनों का चलना पूरी तरह बंद हो गया है। यूआईटी थाने के सामने करीब डेढ़ से दो फुट पानी बह रहा है, जिससे थाना भवन जलमग्न हो चुका है।
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भिवाड़ी-धारूहेड़ा सीमा पर बना चार फुट ऊंचा रैंप भी पूरी तरह डूब गया है। मॉडर्न पब्लिक स्कूल और सुखम टावर के सामने करीब पांच फुट पानी भर चुका है, जो रैंप को पार कर धारूहेड़ा की ओर जा रहा है। इससे धारूहेड़ा के सेक्टर चार और छह भी पानी में डूब चुके हैं। प्रशासन की ओर से जल निकासी के प्रयास पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं। शहरवासियों का कहना है कि बारिश का पानी निकासी की कमी के कारण बहुत फैल चुका है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग की जा रही है।