जयपुर

Holi Kab Hai: राजस्थान में 3 या 4 मार्च? कब मनाई जाएगी धुलंडी, जानिए होली खेलने का सही समय और तारीख

Holi Kab Hai 2026: देश के कई राज्यों में 3 और 4 मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई है। जानिए राजस्थान में कब मनाई जाएगी होली और धुलंडी।

2 min read
Feb 27, 2026
पाली शहर में धुलंडी पर रंग व गुलाल से होली खेलती युव​तियां।

Holi Kab Hai 2026: फाल्गुन पूर्णिमा का पर्व होली इस बार एक अनोखे खगोलीय संयोग के साथ मनाया जाएगा। होली इस वर्ष तारीख को लेकर चर्चा में है। देश के कई राज्यों में 3 और 4 मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई है।

अगर राजस्थान की बात करें तो यहां प्रचलित पंचांग के अनुसार ही पहले होलिका दहन किया जाएगा और उसके अगले दिन धुलंडी मनाई जाएगी। रंगों की होली और आकाशीय घटना चन्द्र ग्रहण का मेल भक्तों और ज्योतिष प्रेमियों के लिए विशेष महत्व रखेगा।

ये भी पढ़ें

Holi 2026: होली पर 4 दिन की छुट्टी, राजस्थान की इन टॉप डेस्टिनेशन पर मनाएं रंगों का जश्न

किस दिन होगा होलिका दहन

पंडित रवि शर्मा ने बताया कि होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल की प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा को भद्रा रहित वेला में करना शास्त्रोक्त बताया गया है। इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल चतुर्दशी 2 मार्च 2026 सोमवार को सायं 5 बजकर 56 मिनट से पूर्णिमा प्रारम्भ होगी, जो अगले दिन 3 मार्च 2026, मंगलवार को सायं 5 बजकर 8 मिनट तक रहेगी।

अत: प्रदोषकाल में पूर्णिमा 2 मार्च 2026 सोमवार को ही प्राप्त होने से होलिका दहन इसी दिन होगा। इस दिन भद्रा सायं 5 बजकर 56 मिनट से अन्तरात्रि 5 बजकर 32 मिनट तक है। होलिका पर्व में यदि भद्रा निशीथ (अर्द्धरात्रि) को पार करके उषाकाल तक पहुंच जाती है तो भद्रा युक्त प्रदोष काल में होलिका दहन करना चाहिए।

होलिका दहन के मुहूर्त

  1. उदयपुर: सायं 6 बजकर 34 मिनट से सायं 6 बजकर 46 मिनट के मध्य होलिका दहन किया जा सकता है।
  2. जयपुर: सायं 6 बजकर 24 मिनट से सायं 6 बजकर 36 मिनट के मध्य होलिका दहन किया जा सकता है।

धुलंडी (रंगोत्सव) किस दिन मनाई जाएगी

होलिका दहन के अगले दिन ही धुलंडी (धुलिवन्दन अथवा रंगोत्सव) का पर्व मनाया जाता है। इस दिन चन्द्रग्रहण का सूतक ग्रहण के 09 घंटे पूर्व अर्थात् प्रात: 6 बजकर 20 मिनट से ही शुरू हो जाएगा। धुलंडी पर्व पर किसी प्रकार का धार्मिक अनुष्ठान, पूजन आदि कार्य नहीं होता है।

चन्द्रग्रहण में होली खेलने पर क्या दोष लगेगा?

यह केवल रंगोत्सव पर्व है, जिसमें सूतक आदि का दोष नहीं लगता है। चन्द्रग्रहण का प्रभाव दोपहर 3 बजकर 20 मिनट से सायं 6 बजकर 48 मिनट तक रहेगा, अत: इसके पूर्व ही धुलंडी का पर्व मना लेना चाहिए। ग्रहण मोक्ष सायं 06 बजकर 48 मिनट पर होगा, उसके बाद स्नान आदि से निवृत्त होकर धार्मिक कृत्य करने चाहिए।

अद्भुत संयोग

जब पृथ्वी, सूर्य और चन्द्रमा के बीच आकर चन्द्रमा को ढक देती है, तब सूर्य की किरणें चन्द्रमा तक नहीं पहुंच पातीं और यही घटना चन्द्रग्रहण कहलाती है। यदि पृथ्वी, चन्द्रमा का कुछ हिस्सा ढकती है तो खण्डग्रास चन्द्रग्रहण होता है और यदि पूरा ढक लेती है तो खग्रास चन्द्रग्रहण होता है।

इस प्रकार इस बार होली और धुलंडी का पर्व न केवल रंगों और उमंग से सराबोर होगा, बल्कि आकाशीय घटना चन्द्रग्रहण के कारण और भी विशेष बन जाएगा। यह संयोग भक्तों और ज्योतिष प्रेमियों के लिए अविस्मरणीय रहेगा।

ये भी पढ़ें

Holi Holiday : राजस्थान में होली पर 2 व 3 मार्च का अवकाश तो हरियाणा व दिल्ली में अवकाश 4 मार्च का, क्यों?

Updated on:
27 Feb 2026 01:34 pm
Published on:
27 Feb 2026 01:30 pm
Also Read
View All

अगली खबर