85 वर्ष एवं अधिक आयु के वृद्धजन और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं के लिए आयोग की ओर से होम वोटिंग की सुविधा प्रदान की गई थी।
जयपुर। राजस्थान में लोकतंत्र का महापर्व सम्पन्न हो गया। इसके साथ ही दूसरे चरण के 152 प्रत्याशियों सहित प्रदेश के कुल 266 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। पहले चरण में 12 सीटों पर 58.28 प्रतिशत मतदान हुआ, जो दूसरे चरण की 13 सीटों पर हुई वोटिंग के दौरान करीब 64.56 प्रतिशत पहुंच गया। ऐसे में राजस्थान में कुल मतदान का आंकड़ा 61.60 प्रतिशत रहा। वहीं, होम वोटिंग के तहत राजस्थान में रिकॉर्ड 98.39 प्रतिशत मतदान हुआ। प्रदेश के सभी लोकसभा क्षेत्रों के लिए 4 जून मतगणना होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि दूसरे चरण वाले 13 लोकसभा क्षेत्रों में अनंतिम रूप से 64.6 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। इसमें पोस्टल बैलेट के माध्यम से किया गया 0.49 प्रतिशत मतदान भी शामिल है। पोलिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद 27 अप्रैल तक ही मतदान प्रतिशत के अंतिम आंकड़े प्राप्त हो सकेंगे। बता दें कि प्रदेशभर में 5,35,08,010 मतदाता पंजीकृत हैं। कुल 25 लोकसभा सीटों पर 266 प्रत्याशी चुनावी रण में हैं, जिनमें से 247 पुरूष और 19 महिलाएं हैं।
13 लोकसभा क्षेत्रों में अनंतिम रूप से 64.6 प्रतिशत मतदान हुआ है। वर्ष 2019 में इन क्षेत्रों में 68.42 प्रतिशत मतदान हुआ था। कोटा और बाड़मेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में वर्ष 2019 के मुकाबले मतदान प्रतिशत बढ़ा है। कोटा में वर्ष 2019 में 70.22 प्रतिशत था, इस बार यह आंकड़ा 71.42 प्रतिशत हो गया है। बाड़मेर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में वर्ष 2019 में 73.3 प्रतिशत मतदान हुआ था, इस वर्ष इस क्षेत्र में 74.25 प्रतिशत मतदान हुआ है।
गुप्ता ने बताया कि 85 वर्ष एवं अधिक आयु के वृद्धजन और 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाताओं के लिए आयोग की ओर से होम वोटिंग की सुविधा प्रदान की गई थी। प्रदेश में रिकॉर्ड 98.39 प्रतिशत मतदान हुआ है। सभी 25 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में 73,799 वोटर्स द्वारा मतदान किया जा चुका है। इनमें 56,691 बुजुर्ग तथा 17,108 दिव्यांग मतदाता शामिल हैं। 1,062 मतदाताओं की मृत्यु होने तथा 1,207 मतदाताओं के अनुपस्थित होने की वजह से मतदान नहीं कर सके। होम वोटिंग के तहत प्रथम चरण 98.30 प्रतिशत और द्वितीय चरण में 97.42 प्रतिशत मतदान हुआ है।
प्रदेशभर में 53,128 मतदान केन्द्रों पर वोट डाले गए। इसमें से 27,140 बूथों पर मतदान प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग करवाई गई। दूसरे चरण में मतदान वाले क्षेत्रों में 14,460 बूथों की मतदान प्रक्रिया की लाइव वेबकास्टिंग की गई। वहीं, संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर पर्याप्त संख्या में केन्द्रीय पुलिस बल और माइक्रो ऑब्जर्वर लगाए गए।
प्रदेशभर में सभी मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं के सुविधा को ध्यान में रखते हुए रैम्प, पीने के पानी, छाया, व्हीलचेयर और बुजुर्ग मतदाताओं के लिए वाहन सहित अन्य व्यवस्थाएं की गईं। साथ ही मतदाताओं की सहायता के लिए मतदान केंद्रों पर वॉलन्टियर्स भी तैनात किए गए। प्रदेशभर में बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए 30,591 पोलिंग बूथ लोकेशन पर 31,242 व्हीलचेयर उपलब्ध रही और एनएसएस, एनसीसी, स्काउट गाइड के एक लाख से अधिक वॉलन्टियर तैनात रहे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि चुनाव ड्यूटी में लगे कार्मिकों, पुलिस अधिकारियों आदि द्वारा सभी जिलों में बने फेसिलिटेशन सेंटर्स पर अब तक 2,24,789 मत डाले गए। पोस्टल बैलेट और ईडीसी की सुविधा का चयन करने वाले कुल कार्मिकों में से 94 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया है।
मतदान केंद्रों पर बनाए गए सेल्फी बूथों पर युवाओं और महिलाओं सहित सभी आयु वर्ग के वोटर्स में सेल्फी का क्रेज रहा। दोनों चरणों में 32,604 वोटर्स ने मतदान करने के बाद सेल्फी ली और सीईओ राजस्थान की वेबसाइट पर अपलोड कर डिजिटल सर्टिफिकेट प्राप्त किया। इसके साथ ही युवा मतदाताओं ने सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर भी अपलोड की। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं सहित अन्य मतदाताओं को मतदान केंद्रों पर प्रमाण-पत्र भी दिए गए।
चुनाव के लिए कानून व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए। प्रदेश में 3,28,515 अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मतदान करवाया गया। शांतिपूर्ण मतदान सम्पन्न कराने के लिए कुल 1,59,449 सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई। इनमें राजस्थान पुलिस के कार्मिकों के साथ-साथ, होमगार्ड, फॉरेस्ट गार्ड एवं आरएसी जवान तैनात किए गए। केंद्रीय पुलिस बलों की 175 कंपनियों ने भी मतदान के दौरान कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा में सहयोग किया। चुनाव कार्य के लिए 43,405 छोटे-बड़े वाहन अधिग्रहित किए गए।
चुनाव में धन-बल का दुरुपयोग रोकने के लिए प्रदेशभर में 1 मार्च से अब तक 919.02 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी, शराब, ड्रग्स सहित अन्य अवैध सामग्री जब्ती की गई है। लोकसभा आम चुनाव की आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के बाद से अब तक 820.89 करोड़ रुपये मूल्य की नकदी सहित अन्य अवैध सामग्री जब्त की गई है। सी-विजिल एप प्रदेशभर में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की 6,400 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से सही पाई गई सभी 3,504 शिकायतों का तय समय में निस्तारण कर दिया गया।
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