आईएस के फंडिंग नेटवर्क के बारे में खुलासा हुआ था। जमील सोशलसाइट के जरिए नेटवर्क बनाकर भारत और बंगलादेश से फंडिंग आईएस को भेज रहा था।
आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने इस्लामिक स्टेट (आईएस) के फंडिंग मैनेजर जमील अहमद के साथी ट्रैवल हक को खोज निकाला हैं ।
एटीएस ने इंटेलीजेंस ब्यूरो के साथ तीन माह की छानबीन के बाद आन्ध्रप्रदेश और तमिलनाडु बॉर्डर से रविवार को एक करोड़ रुपए के सोने के साथ ट्रैवल हक सहित चार लोगों को हिरासत में ले लिया।
सोना तस्करी के चलते एटीएस ने ट्रेवल और उसके साथी डीआरआई के सुपुर्द कर दिए। एटीएस बुधवार को ट्रैवल हक उर्फ उर्फ मोहम्मद इकबाल का प्रोडेक्शन वारंट लेकर चैन्नई जाएगी। उसे चैन्नई से हवाईजहाज से जयपुर लाया जाएगा।
एटीएस एसपी विकास कुमार ने बताया कि आईएस को फंडिंग भेजने वाले जमील ने पूछताछ में ट्रेवल हक के बारे में बताया था। जिससे वह सोशलसाइट 'किक' से सम्पर्क में था।
'किक' की छानबीन में चैन्नई के पॉश इलाके मलाईपुरा निवासी 32 वर्षीय मोहम्मद इकबाल को चिन्हित किया। उस पर नजर रखी तो उसके संबंध आईएस के लड़ाकों से भी मिले।
मोहम्मद इकबाल 'किक' पर ट्रैवल हक नाम से जमील के सम्पर्क में था। वह आईएस को फंडिंग के साथ ही हवाला और सोने की तस्करी भी कर रहा था।
आईजोल से लाया था खेप
एटीएस के मुताबिक, म्यांमार (बर्मा) से सोने की खेप फ्लाइट या सड़क के रास्ते मिजोरम की राजधानी आईजोल मंगवाता था। फिर खेप को सड़क के रास्ते चैन्नई लेकर आता था।
यह था मामला
टीएस ने 16 नवम्बर 2016 को सीकर से आईएस के फंडिंग मैनेजर जमील अहमद को गिरफ्तार किया था। वह जेल में है।
जमील से पूछताछ में ही आईएस के फंडिंग नेटवर्क के बारे में खुलासा हुआ था। जमील सोशलसाइट के जरिए नेटवर्क बनाकर भारत और बंगलादेश से फंडिंग आईएस को भेज रहा था।
हवाई जहाज से आता-जाता है
आतंकवाद निरोधक दस्ता के मुताबिक ट्रेवल हक के दो बच्चे हैं। वह हाल में रिश्ते के भाइयों के साथ सोना तस्करी में गिरफ्तार हुआ है। वह फ्लाइट से ही आता-जाता है। कई बार विदेश जा चुका है।
उसने पांच बार फंडिंग की रकम आईएस के आकाओं कोके पहुंचना कबूला है। उसे आईएस के आकाओं ने ही जमील से सम्पर्क करने को कहा था। वह खुद के साथ जमील की फंडिंग भी आईएस के पास हवाला के जरिए पहुंचा चुका है।