जयपुर

आइएएस शिखर अग्रवाल व उनकी पत्नी आइपीएस प्रशाखा माथुर की संपत्तियों का मामला ED तक पहुंचा

शिखर अग्रवाल व उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर की संपत्तियों की खरीद में कथित अनियमितता का मामला ईडी तक पहुंच गया है।
2 min read
• •
Updated: 7 Nov 2026, 11:01 AM IST
ias shikhar agarwal and prashakha mathur
आईएएस शिखर अग्रवाल और आईपीएस प्रशाखा माथुर (पत्रिका फाइल फोटो)

जयपुर। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल व उनकी पत्नी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशाखा माथुर की संपत्तियों की खरीद में कथित अनियमितता का मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तक पहुंच गया है। पब्लिक अगेंस्ट करप्शन ने इस मामले में ईडी के निदेशक एवं जयपुर जोनल कार्यालय में संयुक्त निदेशक को शिकायत भेजकर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के अंतर्गत जांच की मांग की है।

अधिवक्ता पूनम चंद भंडारी व अधिवक्ता डॉ. टी. एन. शर्मा ने शिकायत भेजी

पब्लिक अगेंस्ट करप्शन की ओर से अधिवक्ता पूनम चंद भंडारी व अधिवक्ता डॉ. टी. एन. शर्मा ने शुक्रवार को यह शिकायत भेजी। इसमें कहा कि आइएएस शिखर अग्रवाल, आइपीएस प्रशाखा माथुर, दोनों बेटों और सास-ससुर ने ढाई वर्ष में एक ही कंपनी से 40 विला और कॉटेज खरीदे। शिखर अग्रवाल व प्रशाखा माथुर के नाम से उदयपुर के बुझड़ा स्थित होटल में खरीदे गए 20 कॉटेज का कुल मूल्य 3 करोड़ रुपए बताया, जबकि अलवर के गुवाड़ा गांव स्थित रिसॉर्ट में शिखर अग्रवाल व प्रशाखा माथुर और उनके परिजन के नाम खरीदे गए 20 विला का कुल मूल्य 3.165 करोड़ रुपए है।

एक कमरे का फ्लैट भी 15 लाख रुपए में नहीं मिलता

इनको विक्रेता कंपनी गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड को 1.80 करोड़ रुपए वार्षिक पर लीज़ पर दे दिया। शिकायत में कहा कि 4 वर्ष पूर्व अलवर के इसी रिसॉर्ट के विला की रजिस्ट्री 30 लाख रुपए मूल्य पर हुई, फिर वही विला 14 से 16.50 लाख में कैसे बिका? सवाल यह भी उठाया कि जब एक कमरे का फ्लैट भी 15 लाख रुपए में नहीं मिलता, फिर विक्रेता कंपनी ने संपत्तियां बहुत कम दाम पर बेचकर उन्हें कुल घोषित खरीद मूल्य के लगभग 29% यानी 1.80 करोड़ रुपए सालाना किराए पर वापस ले लिया।

शिकायत में जयपुर और गोवा सहित अन्य स्थानों पर भी निवेश का जिक्र

इसके अलावा शिखर-प्रशाखा के दोनों बेटों व परिजन के नाम पर विला खरीद के लिए आय के स्रोत तथा परिवार के आय-व्यय की भी जांच करने की मांग उठाई है। शिकायत में अन्य व्यक्तियों को बेचे गए विला की कीमत, मै. गोयल फैशंस कंपनी व उसके निदेशकों तथा शिखर के जयपुर विकास प्राधिकरण आयुक्त रहते कंपनी को लाभ पहुंचाने के संबंध में भी जांच का आग्रह किया है। शिकायत में जयपुर में वैशाली रिट्रीट, करजत व गोवा सहित अन्य स्थानों पर भी कथित निवेश का जिक्र किया है।

Updated on:
7 Nov 2026, 11:01 AM IST
Published on: