UIDAI AI Shield: आधार की 'अदृश्य ढाल' तैयार! AI ने धोखाधड़ी को जड़ से खत्म किया। राजस्थान में आधार के पकड़े कई फर्जी मामले।
मोहित शर्मा.
Aadhaar Security: जयपुर। आधार कार्ड अब और भी मजबूत और सुरक्षित हो गया है। UIDAI ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ताकत से एक नई 'अदृश्य ढाल' खड़ी कर दी है, जो फर्जी आधार बनाने और दस्तावेजों की छेड़छाड़ को शुरू से ही रोक देती है। यह दुनिया का सबसे बड़ा बायोमेट्रिक सिस्टम है, जो हर नए आधार को पूरी डेटाबेस से मिलाकर चेक करता है और धोखेबाजों को मुंहतोड़ जवाब देता है। Azadi Ka Amrit Mahotsav के तहत यह कदम भारत के डिजिटल सुरक्षा मिशन को नई ऊंचाई दे रहा है।यह 'अदृश्य ढाल' सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि हर भारतीय की सुरक्षा का नया अध्याय है। AI की मदद से भारत अब डिजिटल दुनिया में और मजबूत कदम बढ़ा रहा है – फर्जीवाड़े का खेल खत्म, भरोसा अब अटूट।
UIDAI ने IIIT हैदराबाद के साथ मिलकर भारत में ही बने एडवांस्ड AI मॉडल तैयार किए हैं। ये मॉडल उंगलियों के निशान, चेहरे और आंखों की पुतली (आइरिस) की जांच करते हैं। NVIDIA DGX के हाई-स्पीड इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलते हुए हर नामांकन में अरबों कैलकुलेशन होती हैं। इससे एक ही व्यक्ति के नाम पर दो आधार बनना लगभग असंभव हो गया है। कई राज्यों में यह सिस्टम लागू हो चुका है और जल्द पूरे देश में फैल जाएगा।
UIDAI हर नए आधार को पूरे 1.3 अरब से ज्यादा रिकॉर्ड्स वाली डेटाबेस से मैच करता है। AI की मदद से यह काम सेकंडों में हो जाता है। स्वदेशी AI मॉडल और NVIDIA की पावर से यह सिस्टम तेज, सटीक और सुरक्षित है।
अब आधार बनवाने के लिए जमा किए गए दस्तावेजों की भी AI से जांच होती है। मेटाडेटा निकालकर DigiLocker से असली स्रोत से मिलान किया जाता है। फर्जी आधार कार्ड या पुराने दस्तावेजों से धोखा देना मुश्किल हो गया है। इससे नामांकन का समय कम लगता है, सेवा बेहतर होती है और नागरिकों का भरोसा बढ़ता है।
राजस्थान में आधार फर्जीवाड़े के कई बड़े मामले पकड़े गए। खासकर बॉर्डर इलाकों में। ये मामले UIDAI की जांच और पुलिस की कार्रवाई से सामने आए हैं। AI-सक्षम नई 'अदृश्य ढाल' से अब ऐसे फर्जीवाड़े को जड़ से रोकना आसान हो रहा है।
ये मामले दिखाते हैं कि पहले फर्जीवाड़ा कितना आसान था, लेकिन UIDAI के नए AI सिस्टम से अब डुप्लीकेशन और फर्जी दस्तावेज पकड़ना तेज हो गया है। राजस्थान जैसे संवेदनशील इलाकों में यह 'अदृश्य ढाल' राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी अहम है।