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‘मेरा नाम NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए…’, Vinod Jakhar की नियुक्ति पर ये क्या बोले Ronak Khatri?

राजस्थान की छात्र राजनीति से निकलकर दिल्ली की सत्ता के गलियारों तक अपनी धाक जमाने वाले विनोद जाखड़ को NSUI का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है。 इस नियुक्ति के बाद जहां एक ओर जश्न का माहौल है, वहीं दूसरी ओर संगठन के भीतर की हलचल भी अब खुलकर सामने आने लगी है
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 22 Feb 2026, 11:08 AM IST

ronak khatri

जयपुर/दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) को लंबे समय बाद अपना नया मुखिया मिल गया है। राजस्थान के विनोद जाखड़ को यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन इस नियुक्ति के साथ ही 'योग्यता' और 'चयन प्रक्रिया' को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। NSUI के प्रमुख चेहरे और दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष रौनक खत्री ने एक सार्वजनिक संदेश के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

मुझे इंटरव्यू के लिए कोई कॉल नहीं आया: रौनक खत्री

रौनक खत्री ने अपने खुले पत्र में सबसे बड़ी बात यह कही कि पिछले कुछ दिनों से उनका नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की दौड़ में अनावश्यक रूप से जोड़ा जा रहा था। खत्री ने स्पष्ट किया कि उन्हें साक्षात्कार (Interview) प्रक्रिया के लिए संगठन की ओर से कोई कॉल नहीं आया। उन्होंने कहा, "मैं प्रतीक्षा कर रहा था, लेकिन अगर पार्टी को लगता है कि मैं योग्य नहीं हूँ, तो मैं उनके निर्णय का सम्मान करता हूँ"।

योग्यता के मापदंड पर उठाए सवाल

खत्री ने संगठन के प्रति अपनी वफादारी जताते हुए एक चुभता हुआ सवाल भी पूछा। उन्होंने कहा कि किसी को भी यह नहीं पता कि इस पद के लिए साक्षात्कार में बैठने का 'योग्यता मानदंड' क्या है। उनका मानना है कि संगठन के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले हर कार्यकर्ता को निष्पक्ष और समान अवसर मिलना चाहिए।

DUSU में वापसी और 11 राज्यों का दौरा

अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए खत्री ने याद दिलाया कि उनके नेतृत्व और भरोसे पर ही NSUI सात साल बाद दिल्ली विश्वविद्यालय (DUSU) में मजबूती से वापस लौटी थी। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान 11 राज्यों के शिक्षण संस्थानों का दौरा कर जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने का दावा किया। उन्होंने साफ किया कि उनके लिए पद से ज्यादा जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।

विनोद जाखड़ को दी शुभकामनाएं, दिखाई एकजुटता

भले ही रौनक खत्री ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हों, लेकिन उन्होंने नवनियुक्त अध्यक्ष विनोद जाखड़ को बधाई देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने सोशल मीडिया पर जाखड़ को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में छात्र हितों की आवाज और बुलंद होगी। खत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की लड़ाई में जाखड़ का नेतृत्व नई ऊर्जा लेकर आएगा।

राजस्थान का दबदबा: छात्र राजनीति में नया मोड़

विनोद जाखड़ की नियुक्ति राजस्थान के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि वे प्रदेश की छात्र राजनीति की उपज हैं। राजस्थान के गलियारों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की कमान संभालना राजस्थान के कार्यकर्ताओं के लिए बड़ा संदेश है। रौनक खत्री का बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि संगठन के भीतर भविष्य में 'निष्पक्ष अवसर' की मांग और जोर पकड़ सकती है।