
Gogamedi Murder Case Update: किसी भी जन प्रतिनिधी या व्यक्ति को सुरक्षा देने के लिए लोकल पुलिस के जरिए जानकारी एसओजी या एटीएस तक जाती है और उसके बाद वहां से सुरक्षा की डिमांड पर मुहर लगने के बाद पुलिस अधिकारियों के जरिए सरकार तक जाती है। इस बार भी यही हुआ।
सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की सुरक्षा डिमांड पर मुहर लगने के बाद एटीएस ने लैटर उपरी अधिकारियों को भेज दिया था मार्च के महीने में ही। लेकिन राजनीतिक कारण कहें या कुछ और..... गोगामेड़ी को सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। नतीजा ये रहा कि घर में घुसकर हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड के बाद अब पुलिस अधिकारियों के साथ साथ सरकार पर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी सामने आई है कि इस हत्याकांड से पहले इस साल फरवरी में पंजाब पुलिस ने भी राजस्थान पुलिस को एक लैटर लिखा था और उसमें लॉरेंस के गुर्गे संपत नेहरा के बारे में जानकारी दी गई थी।
यह भी पढ़ें : राजस्थान बंद का असर शुरू, नहीं खुले स्कूल-कॉलेज, DGP की शांति की अपील
लिखा गया था कि गोगामेडी को मारने के लिए संपत नेहरा ए के 47 का बंदोबस्त करने की बात कर रहा है। इस लैटर के मिलने के बाद एटीएस और एसओजी ने अपनी ओर से जानकारी जुटाने के बाद इसे सही माना और फिर सुरक्षा देने का लिखकर सरकार के प्रतिनिधियों को ये लैटर भेज दिया गया। किन बात नहीं बनी। गोगामेड़ी को सुरक्षा नहीं मिल सकी। हस हत्याकांड में अब दो शूटर्स के नाम सामने आ रहे हैं। एक शूटर की पहचान रोहिता राठौड मकराना और दूसरे की पहचान नितिन फौजी हरियाणा के रूप में की गई है। पंजाब और हरियाणा पुलिस से भी मदद ली जा रही है।