विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबा चलता है तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका असर भारत जैसे आयातक देशों पर भी पड़ सकता है।
कोटपूतली। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच कोटपूतली-बहरोड़ जिले में फिलहाल पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। पेट्रोल-डीजल के साथ रसोई गैस सिलेंडरों की सप्लाई भी नियमित रूप से जारी है और बाजार में किसी तरह की कमी नहीं है।
पेट्रोलियम डीलर्स के अनुसार अभी तक सरकार की ओर से आपूर्ति को लेकर कोई विशेष दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबा चलता है तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका असर भारत जैसे आयातक देशों पर भी पड़ सकता है।
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि भारत खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। मध्य-पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण समुद्री आपूर्ति मार्गों पर असर पड़ने की आशंका है। यदि आपूर्ति प्रभावित होती है तो देश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और कीमतों पर दबाव बन सकता है।
फिलहाल जिले में रोजमर्रा की तरह पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की सप्लाई जारी है। उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं और सीएनजी की आपूर्ति भी सामान्य है। जिला रसद विभाग के अनुसार अभी तक राज्य या केंद्र सरकार की ओर से कोई विशेष एडवाइजरी जारी नहीं की गई है।
यदि भविष्य में परिस्थितियां बदलती हैं तो जरूरत पड़ने पर पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के वितरण पर नियंत्रण किया जा सकता है, जिसमें सीमित मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराया जा सकता है।
जिले में वर्तमान में करीब 98 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इन पंपों पर प्रतिदिन लगभग 75 से 80 हजार लीटर पेट्रोल तथा इससे अधिक मात्रा में डीजल की बिक्री होती है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर हरियाणा सीमा के नजदीक स्थित पेट्रोल पंपों पर बिक्री अपेक्षाकृत कम रहती है।
इसका कारण हरियाणा में पेट्रोल राजस्थान की तुलना में करीब 10 रुपए प्रति लीटर और डीजल लगभग 3.50 रुपए प्रति लीटर सस्ता होना माना जा रहा है, जिससे कई वाहन चालक वहां से ईंधन भरवाना पसंद करते हैं।
रसोई गैस वितरक सत्यवीर रावत व हिमांशु भूरानी ने बताया कि जिले में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य है।
नियमित आपूर्ति बनाए रखने के लिए उपभोक्ताओं को 31 मार्च तक केवाईसी करवाना जरूरी है। जिले में अभी लगभग 30 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे हैं जिन्होंने केवाईसी नहीं करवाई है।
उन्होंने बताया कि यदि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बिगड़ती हैं तो भविष्य में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और कीमतों पर असर पड़ सकता है।
जिले में फिलहाल पेट्रोलियम पदार्थ और एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है। राज्य सरकार से अभी कोई विशेष निर्देश नहीं मिले हैं। परिस्थितियां बदलने पर वितरण पर नियंत्रण किया जा सकता है।
जिले में पेट्रोल पंप : 98
एलपीजी गैस एजेंसियां : 21
पीएम उज्ज्वला कनेक्शन : 1.64 लाख
कुल एलपीजी कनेक्शन : करीब 2.80 लाख