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Smart Meter: राजस्थान के इस जिले में 3.72 लाख स्मार्ट मीटर लगने हैं, फरवरी तक लगे सिर्फ 56,769; नए मीटर को लेकर लोगों में शंका?

Smart Meter: विभाग का दावा है कि स्मार्ट मीटर रीडिंग को सीधे विभाग के सर्वर पर भेजकर 100 फीसदी सटीकता से वास्तविक उपभोग का बिल जारी करता है।

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Smart Meter: राजस्थान में हाईब्रिड बिजली मीटर के स्थान पर लगाए जा रहे स्मार्टमीटर की पारदर्शिता और सटीकता को लेकर उपभोक्ताओं की आशंकाओं के बीच जालोर जिले में अब तक 15 फीसदी मीटर बदले जा चुके है। जिले में 3 लाख 72 हजार से उपभोक्ताओं के मीटर अपग्रेड करने की कड़ी में स्मार्ट मीटर लगाए जाने है। जिसमें से अब तक 56 हजार 769 मीटर फरवरी अंत तक लगाए जा चुके हैं।

डिस्कॉम के अधिकारियों का दावा है कि नए मीटर सटीक और ज्यादा पारदर्शी है। उपभोक्ताओं की शंकाओं के निस्तारण की कड़ी में प्रारंभिक स्तर पर विभिन्न सरकारी भवनाओं और आवासों पर इन नए मीटर की टेस्टिंग में ये तथ्य सामने आया है।

इन मीटर की सबसे खास बात यह भी है कि मीटर का डिस्प्ले खराब हो जाने पर भी रीडिंग उपलब्ध रहेगी। उपभोक्ता अपने मोबाइल पर भी मीटर की रीडिंग और कंजप्शन देख सकेगा।

इस तरह से स्मार्ट नया मीटर

उपभोक्ता मोबाइल पर ऊर्जा मित्र एप से जब चाहे बिजली की खपत देख सकते हैं। पारंपरिक हाईब्रिड मीटर में मीटर की रीडिंग मैन्युली लेकर बिल जारी होता है। जिसमें मानवीय हस्तक्षेप संभव है।

विभाग का दावा है कि स्मार्ट मीटर रीडिंग को सीधे विभाग के सर्वर पर भेजकर 100 फीसदी सटीकता से वास्तविक उपभोग का बिल जारी करता है।

हर घंटे आंकलन करता है मीटर

स्मार्ट मीटर प्रत्येक घंटे उपभोग की गई रिडिंग को सर्वर के माध्यम से हर उपभोक्ता तक पहुंचाता है। विद्युत उपभोक्ता अपने विद्युत उपभोग को सीधे अपने स्मार्ट फोन में देख सकते हैं।

उपभोक्ता अपने विद्युत उपभोग का आकलन प्रति घंटा, दैनिक, साप्ताहिक रूप से एवं मासिक रूप से मोबाइल पर कर ऊर्जा प्रबंधन एवं बिजली बिल नियंत्रित कर सकते हैं।

इस तरह से कार्य करता है मीटर

स्मार्ट मीटर से डेटा ट्रांसफर आसान है। मीटर खराब होने की स्थिति में भी रीडिंग में दिक्कत नहीं है। शहरी क्षेत्रों में रेडियो फिक्वेंसी (आरएफ) आधारित स्मार्टमीटर है। जो एक निर्धारित दायरे के डेटा को डिस्कॉम सिस्टम तक भेजने की क्षमता रखते हैं। इसी तरह सोलर रूफ टॉप लगवाने के इच्छुक उपभोक्ता के लिए स्मार्ट मीटर नेट मीटर में तब्दील हो जाता हैं। इसके लिए अलग से मीटर लगाने की जरुरत नहीं है।

जालोर जिले में श्रेणीवार उपभोक्ता

  • 341321 घरेलू कनेक्शन
  • 26254 कॉमर्शियल कनेक्शन
  • 3923 औद्योगिक कनेक्शन
  • 372091 कुल उपभोक्ता

अब तक इतने मीटर लगे

  • 51286 घरेलू मीटर
  • 3292 कॉमर्शियल मीटर
  • 1839 सरकारी कार्यालय भवन में मीटर
  • 56769 कुल उपभोक्ताओं के मीटर

टॉपिक एक्सपर्ट

स्मार्टमीटर को लेकर उपभोक्ताओं में शंकाएं है। नए मीटर पुराने हाईब्रिड मीटर की तुलना में कई गुना ज्यादा अपडेट और 100 फीसदी पारदर्शी है। पूर्व में उपभोक्ताओं की शंकाओं के समाधान के लिए हमने इन मीटर की टेस्टिंग भी करवाई थी, इस जांच पर उपभोक्ता संतुष्ट हुए।

  • निमेंद्रराजसिंह, अधीक्षण अभियंता, डिस्कॉम, जालोर

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