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विधानसभा में उठा बाण्डी सिणधरा बांध का मुद्दा : किसानों को पानी नहीं मिलने का आरोप, जानें पूरा मामला

सुरेश सिंह रावत ने विधानसभा में जालोर के बाण्डी सणधरा बांध की स्थिति और जल उपयोग को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बांध से 16 गांवों को सिंचाई का पानी मिल रहा है और आवश्यकता होने पर जांच समिति गठित की जाएगी।

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बाण्डी सिणधरा बांध। फोटो- पत्रिका

जालोर। जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने गुरुवार को विधानसभा में कहा कि जालोर के जसवंतपुरा क्षेत्र में बाण्डी नदी पर निर्मित बाण्डी सिणधरा बांध की कुल भराव क्षमता 1085 एमसीएफटी तथा सीसीए 6922 हेक्टेयर है। बांध से भीनमाल और जसवंतपुरा तहसील के 16 गांवों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने बताया कि बांध के पूर्ण क्षमता तक भरने के बाद अधिशेष पानी स्वतः ओवरफ्लो होकर डाउनस्ट्रीम में नदी में प्रवाहित हो जाता है, जिससे नदी क्षेत्र के आसपास स्थित कुओं का जल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है।

नहरों के जीर्णोद्धार कार्य प्रगतिरत

शून्यकाल में सदस्य समरजीत सिंह के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर रावत ने कहा कि बांध के पानी के उपयोग के संबंध में मानसून के बाद जल वितरण समिति बैठक कर निर्णय लेती है। वर्ष 2022 और 2023 की जल वितरण बैठकों में लिए गए निर्णय के अनुसार 33 प्रतिशत पानी नदी में प्रवाहित किया गया था।

वर्तमान में नहरों के जीर्णोद्धार कार्य प्रगतिरत हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांध की भराव क्षमता का उपयोग कमांड क्षेत्र में सिंचाई के लिए निर्धारित है, इसलिए बांध में गेट का निर्माण कर नदी में पानी छोड़ने का विषय विचाराधीन नहीं है। बांध निर्माण की ड्रॉइंग में भी गेट का प्रावधान नहीं रखा गया था।

मामले की जांच कराई जाएगी

सदस्य की ओर से बांध का पानी सिंचाई में उपयोग नहीं होने के संबंध में उठाए गए मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि एक जांच समिति गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि यदि गांवों में सिंचाई के लिए पानी नहीं दिया जा रहा है और गलत सूचना प्रस्तुत की जा रही है तो संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

रावत ने मानसून समाप्ति के बाद बांध में उपलब्ध पानी की मात्रा की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2007 में 372 एमसीएफटी, 2008 में 353 एमसीएफटी, 2010 में 570 एमसीएफटी, 2011 में 626 एमसीएफटी, 2015 में 884 एमसीएफटी (ओवरफ्लो), 2017 में 916 एमसीएफटी (ओवरफ्लो) और वर्ष 2023 में 889 एमसीएफटी (ओवरफ्लो) पानी दर्ज किया गया।