
प्रतीकात्मक तस्वीर, मेटा एआइ
Jalore Drug Factory Busted: जालोर में बागोड़ा थाना क्षेत्र के गांवड़ी में एक ढाणी पर एएनटीएफ जालोर, बाड़मेर और मुख्यालय की टीम ने नशे के कारोबार की सूचना पर दबिश दी। एमडी के कारखाने की सूचना पर एएनटीएफ ने 15 दिन से कैंप किया, लेकिन लोकेशन नहीं मिल रही थी। इस दौरान पूछताछ में कबाड़ियों से जानकारी मिली कि खाली ड्रम उन्हें दिए जा रहे है और उनसे पैसा भी नहीं लिया जा रहा। इस आधार पर टीम ने लोकेशन ट्रेस कर दबिश दी।
फैक्टरी से करीब 15 करोड़ की 50 किलो एमडी बनाने जितनी 400 किलो कच्ची सामग्री बरामद की गई। आधुनिक फैक्ट्री के उपकरण भी जब्त किया। आरोपी ओमप्रकाश से पूछताछ में कच्चा माल गुजरात और जोधपुर से लाया। वहीं भीनमाल की एक ट्रावेल्स से सामग्री मंगवाई गई। मौके से ओमप्रकाश को पकड़ा गया। इस नए सेटअप को स्थापित करने से पहले ही आरोपी करीब 20 करोड़ का मामला खपा जा चुका। टीम के अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में इसका प्लांट अन्यत्र था। लेकिन हाल ही में सुरक्षा के लिहाज से उसने गांवड़ी में नए स्थान पर सेटअप लगाया, जिस पर कार्रवाई की गई।
पूर्व में एमडी बनाने का शातिर तस्कर रमेश गांवड़ी निवासी ओमप्रकाश के संपर्क में आया। ओमप्रकाश ने जमीन साढ़े चार लाख माह पर इसे दे रखी थी। यहां उसने ओमप्रकाश की जमीन पर प्लांट लगा दिया। उससे ओमप्रकाश को किराए के रूप में बड़ी आवक होने लगी। बाद में ओमप्रकाश ने स्वयं नशे के कारोबार को स्थापित करने के बारे सोचा और यह कार्य शुरु किया। पुलिस जांच में सामने आया कि हर 10 दिन में यह 10-10 किलो एमडी मार्केट में खपा रहा था।
रमेश से एमडी कारोबार का नेटवर्क चलाने, मशीनरी और प्रोसेसिंग की जानकारी लेने के बाद ओमप्रकाश का लोभ बढ़ा। उसने रमेश से दूरी जरुर बना ली, लेकिन अपने स्तर पर ही प्लांट स्थापित करने का सपना भी संजोया। उसने दीपाराम को भी अपनी बातों में उलझाया। दीपाराम भी लालच में आया और उसके बाद फैक्टरी स्थापित करने का प्लान तैयार किया गया। पूरी मशीनरी को स्टेप बाई स्टेप लाया गया और यहां स्थापित किया गया।
ओमप्रकाश ने एमडी बनाने का बड़ा प्लांट लगाने से पहले ही इसके मार्केट को भी समझ लिया था। इस नशे के कारोबारी, शौकीन के बारे में भी इसे जानकारी थी। उसे पूरा भरोसा था कि इस नशे के नेटवर्क को स्थापित कर वह करोड़ों रुपए कमा लेगा। लेकिन पहले ही प्लांट पकड़ा गया।
एमडी नशे का शातिर कारोबारी रमेश ने ओमप्रकाश से नाता तोड़ने के बाद अपने स्तर पर नए स्थान से नेटवर्क स्थापित करने का प्रयास किया। उसने तीन लोट भी तैयार किए। उसके बाद एक हत्या के मामले में अभी आरोपी जेल में है।
Published on:
28 Feb 2026 12:20 am
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