
एआई तस्वीर
जालोर। पीटीआई भर्ती परीक्षा 2022 में ओपीजेएस विश्वविद्यालय चूरू से फर्जी डिग्री हासिल कर नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थियों पर गाज गिरने वाली है। राजगढ़ एसओजी यूनिट की ओर से जांच के बाद 47 अभ्यर्थी व चूरू के इस विद्यालय की फर्जीवाड़े में भूमिका सामने आने के बाद अब अगली कड़ी में इन अभ्यर्थियों के दस्तावेज का अंतिम स्तरीय सत्यापन होगा।
चूंकि प्रारंभिक स्तर पर ही गड़बड़ी सामने आ चुकी है तो अगली कड़ी में फर्जीवाड़े से नौकरी हासिल करने वाले आरोपियों को एसओजी की ओर से डिटेल किया जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अब एसओजी यूनिट जालोर में कैंप करेगी। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी भी एसओजी मुख्यालय की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। विभागीय अधिकारी का कहना है कि फर्जीवाड़ा और दुराचरण की रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बता दें राजगढ़ यूनिट की ओर से दर्ज प्रकरण में जालोर जिले के 6 अभ्यर्थी शामिल थे।
बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा कर डिग्री बांटने के मामले में विवि प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराया है। लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जबकि अभ्यर्थियों के साथ साथ इस फर्जीवाड़े के रैकेट में विवि की प्रमुख भूमिका है।
एसओजी राजगढ़ यूनिट की जांच में 2016 से 1359 डिग्री बांटने का रिकॉर्ड मिला। जबकि यहां से अधिकतम इस अवधि में 500 ही जारी हो सकती थी। लगभग तीन गुना डिग्री बांटने में प्रारंभिक स्तर पर इस विवि की सीधी भूमिका है। अहम सवाल यह है कि इतने बड़े स्तर पर गड़बड़ी पर संबंधित प्रशासन और विभाग ने लापरवाही क्यों बरती।
एसओजी मुख्यालय से रिपोर्ट का इंतजार है। दुराचरण की रिपोर्ट प्राप्त होने के साथ ही नामजद फर्जीवाड़े के आरोपियों को निलंबित करने की कार्यवाही की जाएगी।
पीटीआई भर्ती परीक्षा 2022 में दर्ज प्रकरण संबंध में सभी पक्षों को ध्यान में रखकर जांच की जाएगी। दस्तावेजों को जांचा जाएगा। गड़बड़ी पर नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
Published on:
26 Feb 2026 03:54 pm
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