
जयपुर. देश में पांच सौ व हजार के पुराने नोट बंद कर देने के बाद बने हालात के बीच शुक्रवार को राजस्थान विवि में इसे लेकर पहली बार बड़ी चर्चा हुई। नीति आयोग पीठ की ओर से विवि में आयोजित आठवें राजकृष्ण मेमोरियल व्याख्यान के तहत 'विमुद्रीकरण व इसके तत्व' विषयक व्याख्यान में जाने माने अर्थशास्त्री डॉ. सुरजीत भल्ला मुख्य वक्ता थे। उन्होंने व्याख्यान में ब्लैक मनी और ब्लैक इन्कम का भेद समझाते हुए कहा कि ब्लैक मनी की समस्या तो समूचे दक्षिण एशिया में है। जबकि ब्लैक इन्कम जो कि मुख्य रूप से ब्लैक मुद्रा को पनपाती है यहां बड़ी समस्या है। इस मामले में भारत पड़ौसी देशों से कहीं खतरनाक स्थिति में है।
नोटबंदी बिग बैंग थ्योरी जैसा बड़ा कदम
भल्ला ने भारत सरकार के इस कदम को ब्रह्माण्ड रचना की बिग बैंग थ्योरी जैसा बड़ा कदम बताया। चेयर के अध्यक्ष प्रो. विजयवीर सिंह ने विषय को स्पष्ट करते हुए सभागार में मौजूद शिक्षकों, शोधार्थियों और अन्य अतिथियों को इस महत्वपूर्ण विषय पर सामान्य या सुनी सुनाई प्रतिक्रिया की बजाय रचनात्मक बात करने को कहा।
किसी न किसी को कड़ा कदम उठाना ही था
मुख्य वक्ता भल्ला ने कहा कि देश में 7 दशक से गरीबी हटाने की कोशिश कर रहे हैं, इसके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली और मनरेगा जैसे कार्यक्रम लाए गए लेकिन भ्रष्टाचार और काले धन के कारण स्थिति सुधरी नहीं। तत्कालीन प्रधानमंत्री तक को कहना पड़ा कि नीचे तक 15 पैसे ही पहुंचते हैं। आखिरकार किसी न किसी सरकार को तो एेसा कड़ा कदम उठाना ही था।
कुछ कड़े निर्णय करने होंगे
इस कदम की प्रतिक्रिया में दो मुख्य तर्क दिए जा रहे हैं। अगर इसे राज्यों के चुनाव से जोड़ रहे हैं तब भी आप मानकर चलिए कि इससे सत्तारूढ दल के सबसे बड़े समर्थक वर्ग को नुकसान हो रहा है। एेसे में यह कदम राजनीतिक नुकसान के हिसाब से संतुलन वाला है। उन्होंने कहा कि अब सरकार को जमीनों के कारोबार पर निगाह रखनी होगी। क्योंकि यह भी काले धन को खपाने का बड़ा माध्यम है। इसके अलावा कर नीति को सुस्पष्ट करना होगा। वहीं सबसे बढ़कर चुनाव फंडिंग के क्षेत्र में कुछ कड़े निर्णय करने होंगे।
विवि के कुलपति जे. पी. सिंघल ने अध्यक्षता करते हुए बेबाक बात रखी। उन्होंने छात्र संघ चुनावों में धन के इस्तेमाल पर चुटकी ली। कहा कि खर्च सीमा तो पांच हजार है लेकिन करोड़ों खर्च होते हैं। उन्होंने हाल ही में छात्र संघ चुनाव के अधिकारी रहे नीति आयोग चेयर अध्यक्ष प्रो. सिंह की ओर इशारा कर कहा कि इन्हें भी जानकारी है।