
India AI Impact Summit 2026 : भारत मंडपम नई दिल्ली से राजस्थान के लिए आई एक अच्छी खबर। भारत मंडपम में इंडिया आर्टफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन चल रहा है। समिट में राजस्थान सरकार के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने 'राजस्थान AI पवेलियन' तैयार किया है। गुड न्यूज यह है कि यह पवेलियन दर्शकों को काफी पसंद आ रहा है। 20 फरवरी को इसका समापन हो जाएगा।
‘पीपल, प्लेनेट और प्रोग्रेस’ थीम के इर्द-गिर्द रचे गए इस समिट में वैश्विक स्तर पर एआई को विश्वसनीय, प्रभावी एवं समावेशी बनाए जाने पर मंथन किया जा रहा है। सूचना प्रौद्योगिकी और संचार विभाग के आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने मंगलवार को 'राजस्थान AI पवेलियन' का दौरा किया। उन्होंने स्टार्टअप्स से जुड़े युवाओं का उत्साहवर्धन किया और विजिटर्स से संवाद किया।
हिमांशु गुप्ता ने बताया कि 'राजस्थान AI पवेलियन' में लगभग 20 स्टॉल लगाई गई हैं। इनमें विभिन्न विभागीय और सरकारी पहलों के अतिरिक्त राज्य सरकार के ‘आईस्टार्ट’ पंजीकृत एआई स्टार्टअप्स को शामिल किया गया है। ये स्टार्टअप स्टॉल रोटेशन के आधार पर संचालित हो रहे हैं, जिससे राज्य के अधिक से अधिक नवाचार उद्यमों को भागीदारी का अवसर मिल सके।
पवेलियन में ‘राजकिसान’ के माध्यम से एआई आधारित फसल स्वास्थ्य प्रबंधन, राजस्थान जन आधार प्लेटफॉर्म द्वारा डेटा-संचालित लक्षित प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, तथा ‘स्मार्ट’ (सर्विस मैनेजमेंट विद आर्टफिशियल इंटेलिजेंस एण्ड रियल टाइम सिस्टम) प्रणाली के जरिए 360-डिग्री नागरिक प्रोफाइलिंग और रीयल-टाइम योजना मॉनिटरिंग को प्रदर्शित किया गया है।
इसके अतिरिक्त राजनिवेश के साथ ‘राज GPT’ आधारित निवेश सुविधा प्रणाली को भी प्रस्तुत किया गया है, जो निवेशकों को प्रोत्साहन, भूमि प्रक्रिया और अनुमोदन संबंधी मार्गदर्शन प्रदान करती है।
साथ ही यहां प्रदेश की तीन प्रमुख नीतियां भी प्रदर्शित की जा रही हैं- राजस्थान एआइ/एमल पॉलिसी 2026, राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी एवं राजस्थान एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी।
'राजस्थान AI पवेलियन' व्यापक मंच पर राज्य के एआई आधारित दृष्टिकोण और भविष्य की रूपरेखा को आमजन एवं वैश्विक निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है, जिससे राज्य सरकार के एआई से जुड़े तकनीकी प्रयासों को गति मिलेगी।