
चम्बल नदी। फोटो पत्रिका
Chambal Drinking Water Project : चम्बल पेयजल परियोजना के तहत चित्तौड़गढ़, गंगरार, भदेसर और निम्बाहेड़ा तहसील के 325 गांवों के घर-घर तक चम्बल का मीठा पानी जल्द पहुंचने की उम्मीद जगी है। उक्त प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय स्वीकृति मिल गई है, जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी होने की उम्मीद है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 646 करोड़ रुपए खर्च होंगे। प्रदेश के चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और राजसमंद जिले के गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए चम्बल का पानी लाना प्रस्तावित है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 2200 करोड़ रुपए खर्च होंगे। राज्य सरकार ने बजट में इसकी घोषणा की थी।
चम्बल पेयजल परियोजना (फ्रेज 2-बी) के तहत चित्तौड़गढ़ जिले में उक्त प्रोजेक्ट पर 646 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विभाग की ओर से कुछ समय पहले इसके लिए टेण्डर आमंत्रित किए गए। इसमें आठ फर्म ने भाग लिया है। विभाग की ओर से इसकी वित्तीय स्वीकृति जारी हो गई है। ऐसे में अब दस्तावेजों की जांच आदि होने के बाद फर्म वर्कऑर्डर जारी किया जाएगा, इसके बाद उक्त कार्य शुरू होगा। हालांकि इसमें अभी थोड़ा समय और लगने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि चम्बल प्रोजेक्ट के (फेज 2-ए) में गंगरार ब्लॉक के लिए भी 273 करोड़ के कार्यादेश गत दिनों ही जारी किए गए हैं। इससे 138 गांवों के 13755 लोगों को पेयजल उपलब्ध होगा।
इस प्रोजेक्ट के दायरे में चित्तौड़गढ़ के 212 गांव, गंगरार के 2, भदेसर के 45 और निम्बाहेड़ा के 66 गांवों के ग्रामीण लाभान्वित होंगे। जल जीवन मिशन के तहत करीब 41 हजार घरों में पानी पहुंचाया जाएगा। इससे पेयजल की किल्लत का समाधान होगा। इससे लोगों के स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। यह मुद्दा गत दिनों विधानसभा में उठाया गया था।
उक्त प्रोजेक्ट के तहत करीब 3200 किमी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसमें मुख्य पाइप लाइन के साथ ही घरों में पानी पहुंचाने वाली पाइप लाइन भी शामिल है। इसके तहत 47 उच्च जलाशय का निर्माण होगा। इससे प्रेशर से पानी घरों तक पहुंच सकेगा। इसी प्रकार 10 पंप हाउस का निर्माण भी करवाया जाएगा।
चित्तौड़गढ़ जिले का अधिकांश भाग डार्क जोन में शामिल है। लगातार गिरते भू-जल स्तर के कारण पानी में फ्लोराइड की मात्रा लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में चम्बल का पानी पहुंचने पर लोगों को स्वच्छ पानी उपलब्ध होगा।
चम्बल पेयजल परियोजना फ्रेज 2-बी के तहत चित्तौड़गढ़ जिले में उक्त प्रोजेक्ट पर 646 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके लिए वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। अब आगे की कार्यवाही जारी है।
सुनीत कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग चित्तौड़गढ़
Updated on:
18 Feb 2026 11:47 am
Published on:
18 Feb 2026 11:46 am
