
जयपुर। ब्रिक्स व्यापार और उद्योग मंत्रियों की बैठक के समापन के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत इस साल ब्रिक्स (BRICS) की अध्यक्षता कर रहा है। उन्होंने बताया कि उद्योग मंत्रियों की बैठक में मुख्य रूप से निवेश को बढ़ावा देने, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों के जरिए नए रोजगार के अवसर पैदा करने पर गहन चर्चा हुई, जिससे सभी ब्रिक्स देशों की आर्थिक और औद्योगिक प्रगति को गति मिल सके।
पीयूष गोयल ने कहा कि वाणिज्य मंत्रियों की बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच आपसी द्विपक्षीय व्यापार, आयात-निर्यात में समन्वय और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) क्षेत्र के लिए बैंकों व अन्य माध्यमों से पर्याप्त वित्त पोषण और निवेश सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है। उन्होंने बताया कि डिजिटल तकनीकों के उपयोग से आपसी व्यापार को कागजरहित (पेपरलेस) बनाने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी सार्थक निर्णय लिए गए हैं।
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने हाल ही में एफडीआई नियमों में संशोधन किया है, जिससे हथकरघा, हस्तशिल्प, वस्त्र, जूते-चप्पल, खाद्य पदार्थ और रोजमर्रा के उत्पादों के बड़े पैमाने पर ई-कॉमर्स व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इसका सीधा फायदा देश के किसानों, मछुआरों, खादी व कुटीर उद्योगों और चमड़ा कारीगरों को होगा। भारत अब ई-कॉमर्स की ताकत का उपयोग करके अपने सूक्ष्म और छोटे उद्यमों के उत्पादों को दुनिया भर के बड़े बाजारों से जोड़ने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत है।
इससे पहले मंत्री पीयूष गोयल सिद्धपीठ मेहंदीपुर बालाजी धाम पहुंचे, जहां उन्होंने स्वयंभू श्री बालाजी महाराज के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की और करीब एक घंटे तक सुंदरकांड का पाठ किया। मंदिर के पुजारियों ने सोने के चोले का तिलक लगाकर उनका अभिनंदन किया। मंदिर पहुंचने पर जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा एवं पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया, जबकि मंदिर ट्रस्ट सचिव एम.के. माथुर ने रामनामी दुपट्टा ओढ़ाकर प्रसाद भेंट किया। मीडिया से बातचीत में पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स विश्व शांति और वैश्विक चुनौतियों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।